छठी मंजिल पर आग लगाकर 17 दुकानें जलाने वाले हैवान को पुलिस ने घटनास्थल पर खड़ा कर निकलवाया पाप का कच्चा-चिट्ठा
25 करोड़ रुपये का सामान जलाकर राख करने वाले आरोपी ने कैसे रची थी खौफनाक साजिश?
सूरत के पलसाना और सारोली क्षेत्र में स्थित अति व्यस्त और प्रसिद्ध श्याम संगीनी टेक्स्टाइल मार्केट में कुछ समय पहले घटी हृदयविदारक घटना ने पूरे व्यापारी जगत में हाहाकार मचा दिया था। लाखों-करोड़ों रुपये की मेहनत को एक ही रात में राख में तब्दील करने वाले पापी आरोपी को अब सूरत पुलिस कानून का पाठ पढ़ाने के लिए सीधे घटनास्थल पर ले गई है। मार्केट की छठी मंजिल पर खड़े होकर आग लगाने वाले उस नराधम आरोपी का पुलिस ने कड़े पुलिस बंदोबस्त के बीच स्पॉट पर ले जाकर री-कंस्ट्रक्शन (पुनर्निर्माण) कराया है, जिससे पूरे सूरत में फिर से सनसनी फैल गई है।
25 करोड़ का नुकसान और 17 दुकानों का खात्मा: कालजाल आग की खौफनाक रात
आपको बता दें कि श्याम संगीनी टेक्स्टाइल मार्केट में लगी यह आग कोई सामान्य दुर्घटना नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित और घातक कृत्य था। आरोपी ने मार्केट की छठी मंजिल पर स्थित दुकानों को टारगेट करते हुए बेरहमी से आग के हवाले किया था।
इस भीषण आग की चपेट में आकर कुल 17 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गई हैं।
दुकानों में रखा करोड़ों रुपये का कपड़ा और व्यापार का सामान जलकर स्वाहा हो गया, जिसके चलते व्यापारियों को अनुमानित 25 करोड़ रुपये का भारी-भरकम आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
एक झटके में कई परिवारों के रोजगार छिन गए और व्यापारियों की आंखों में आंसू आ गए।
पुलिस की धमाकेदार जांच: आरोपी ने कैसे रची थी खेल की साजिश?
जुर्म को अंजाम देने के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए चाहे जितने भी पैंतरे अपनाए, लेकिन सूरत पुलिस की सघन जांच और तकनीकी सर्विलांस के आगे वह ज्यादा समय तक टिक नहीं सका। पुलिस ने आखिरकार उसे दबोच लिया।
आज पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल (श्याम संगीनी मार्केट की छठी मंजिल) पर रूबरू ले जाकर उसके क्राइम सीन का री-कंस्ट्रक्शन कराया। आरोपी ने घटना के वक्त किस जगह से प्रवेश किया था, किस तरह आग लगाई थी, किस जगह छिपा था और किस रास्ते से फरार हुआ था—इन सभी बातों का लाइव प्रदर्शन उसने पुलिस के सामने किया। पुलिस की इस सख्ती से आरोपी की तमाम चालबाजियां बेनकाब हो गई हैं।
व्यापारियों में रोष: कड़ी से कड़ी सजा की मांग
इस मामले को लेकर व्यापारी वर्ग में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। व्यापारियों का कहना है कि ऐसे मानसिक विकृत और अपराधी तत्वों के कारण मासूम लोगों की वर्षों की कमाई पलभर में स्वाहा हो जाती है। इस षड्यंत्र के पीछे अन्य कोई बड़े चेहरे या व्यापारियों की कोई आपसी रंजिश है या नहीं, इस दिशा में भी पुलिस को गहराई से जांच करनी चाहिए।

