सीएम मोहन यादव ने सुबह-सुबह चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ पीड़ित लोगों से मुलाकात की है। साथ ही उनसे बात की है और तबाही का मंजर देखा है। वह कीचड़ भरे रास्तों में चलकर बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचे और उनके बीच राहत सामाग्री बांटी है।
हाइलाइट्स
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप ने मचाई तबाही
सड़क से लेकर पुलिस स्टेशन तक डूबा
सुबह-सुबह सीएम मोहन यादव पहुंचे चित्रकूट
बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और उन्हें राहत सामग्री बांटी
सतना: बाढ़ से बेहाल सतना और चित्रकूट को लेकर सीएम मोहन यादव ने एक बाद फिर से संवेदनशीलता दिखाई है। देर रात वह दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। वहां अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की और राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। सुबह-सुबह राहत सामाग्री लेकर सीएम खुद चित्रकूट पहुंच गए। वहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
आप मेरे घर देख लीजिए…
सीएम मोहन यादव सुबह-सुबह चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निकल पड़े। वह प्रशासनिक अमले के साथ पैदल ही निकले। कीचड़ से सने सड़कों पर पर पैदल ही चल रहे थे। बाढ़ पानी अब सड़कों से उतर गया है लेकिन तबाही के निशान हर जगह बिखरे पड़े हैं। सीएम जब वहां से गुजर रहे थे। एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उनसे कहा कि पहले हमारा घर देख लीजिए। सीएम उनके घर की ओर मुड़ते हैं और तबाही का मंजर देखकर आगे बढ़ जाते हैं।
कई घर हो गए हैं धाराशायी
चित्रकूट में बाढ़ से कई घर तबाह हो गए। पानी उतरने के बाद लोगों ने राहत की सांस जरूर ली है लेकिन बर्बादी का मंजर देखकर उनका कलेजा फट रहा है। फिर उन्हें रहने के लिए आशियाना तैयार करना होगा। सीएम मोहन यादव जैसे-जैसे प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ रहे थे लोग उन्हें अपनी तकलीफ बताते जा रहे थे।
भारी बारिश के बाद हुई तबाही
दरअसल, चित्रकूट में अतिवृष्टि हुई है। इसकी वजह से सेमरावल और मंदाकिनी नदी में बाढ़ की स्थिति है। नदी का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। उनके सामान को भी काफी क्षति हुई है। हालांकि, इस परिस्थिति में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
राहत और बचाव कार्य जारी
बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद सीएम मोहन यादव ने कहा कि चित्रकूट में अतिवृष्टि के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदी के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। कई क्षेत्रों में लोगों के घरों में पानी भर गया है और उनके सामान को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की मुस्तैदी के कारण अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
लोगों तक पहुंचाई जा रही आवश्यक सहायता
उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है। बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है, जिसका आंकलन किया जा रहा है। प्रशासन के सभी संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहे।
होगा सर्वे, मिलेगी आर्थिक मदद
इसके साथ ही सीएम मोहन यादव ने कहा कि मैं बीती रात रीवा में रुका था। राहत की बात है कि घटना के समय दिन था और मौसम के पूर्वानुमान के चलते प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था। हमारी सतर्कता और प्रशासन की तत्परता से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इस बाढ़ ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान राहत एवं बचाव कार्यों पर है, ताकि जलस्तर कम होने के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया जा सके। आज मैंने बाढ़ प्रभावित नागरिकों से मुलाकात की और अधिकारियों को प्रभावितों तक सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जिन लोगों के पशुओं की हानि हुई है अथवा अन्य नुकसान हुआ है, उनका विधिवत सर्वे कराया जाएगा और नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

