मध्य प्रदेश के सतना जिले में भारी बारिश के चलते मंदाकिनी नदी उफान पर है और शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शहर के कई हिस्सों, रेल पटरियों और पेट्रोल पंपों पर पानी भर गया है, जबकि बांसुजारा बांध के आठों गेट खोल दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश के सतना जिले में मानसून की एक बार फिर से हुई जोरदार वापसी ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण शनिवार की सुबह शहर से लेकर गांवों तक पानी ही पानी नजर आया। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि प्रसिद्ध मंदाकिनी नदी और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई प्रमुख पेट्रोल पंपों, सार्वजनिक स्थलों और रेलवे पटरियों पर पानी भर जाने के कारण रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
बांसुजारा बांध के खोले गए सभी आठ गेट
जलस्तर को नियंत्रित करने और दबाव कम करने के लिए प्रशासन को कड़े कदम उठाने पड़े हैं। एक आधिकारिक जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बांसुजारा बांध के सभी आठों स्लुइस गेट खोल दिए गए हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी का बहाव और तेज हो गया है। सबसे भयावह स्थिति बीरसिंहपुर क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां कई बस्तियों में पानी कमर तक पहुंच चुका है और लोगों के घरों के भीतर पानी घुस जाने से उनका बाहर निकलना दूभर हो गया है।
कोतार और नागौद में भी बिगड़े हालात
सतना के अलावा कोतार और नागौद क्षेत्रों से भी व्यापक जलभराव की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। सड़कों और गलियों में पानी भर जाने से यातायात ठप हो गया है और ग्रामीण इलाकों में नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग (IMD) ने सतना जिले के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए अगले पांच दिनों तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की चेतावनी दी है, जिससे प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
सतना में भारी बारिश के चलते मंदाकिनी नदी और उसकी सहायक नदियां उफान पर।
शहर के पेट्रोल पंपों, रेलवे पटरियों और निचले इलाकों में भारी जलभराव।
बांध का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए बांसुजारा बांध के आठों गेट खोले गए।
बीरसिंहपुर में पानी घरों के अंदर तक घुसा, लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित।
मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए सतना में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया।
हालात से निपटने के लिए नगर निगम आयुक्त शैलेंद्र सिंह खुद शनिवार सुबह से फील्ड पर डटे हुए हैं। जलमग्न इलाकों का दौरा करने के साथ ही म्यूनिसिपलिटी की टीमें अवरुद्ध नालियों को साफ करने और वैकल्पिक चैनलों के जरिए पानी निकालने के काम में युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं ताकि जल्द से जल्द स्थिति सामान्य हो सके।

