धर्म के नाम पर ‘डिजिटल डकैती’ !
प्रतिष्ठा महोत्सव को रोकने के लिए ‘हनीट्रैप’ और ‘ब्लैकमेलिंग’ का अंतरराष्ट्रीय जाल
मुनि भगवंतों को बदनाम करने के लिए ‘फेक वीडियो’ का सहारा
हार्दिक हुडिया और जगत पारेख गिरोह का सनसनीखेज सच
ग्रुप एडिटर पवन माकन को धमकी, महानगर मेट्रो का पलटवार— “सच्चाई की कलम नहीं रुकेगी”
सूरत। डायमंड सिटी के वेसु इलाके में आगामी 23 अप्रैल 2026 को होने वाला श्री अभय पार्श्वनाथ भगवान जिनालय का अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव इस समय न केवल भक्तों की श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि उन अपराधियों की नजर में भी है जो धर्म की आड़ में उगाही का धंधा चला रहे हैं। ‘महानगर मेट्रो’ ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो जैन समाज की आस्था को ‘डिजिटल ब्लैकमेलिंग’ के जरिए बंधक बनाने की कोशिश कर रहा है।
साजिश का ब्लूप्रिंट: कैसे बुना गया जाल?
सूत्रों के अनुसार, मुनि भगवंतों की छवि खराब करने के लिए करीब डेढ़ साल पुराने ‘मॉर्फ्ड’ और ‘फेक’ वीडियो को हथियार बनाया गया है। जांच में पहले ही झूठे साबित हो चुके इन वीडियो को महोत्सव के ठीक पहले वायरल करने की धमकी दी जा रही है। इस गिरोह का मकसद साफ है— करोड़ों की फिरौती (Protection Money) वसूलना।
बेनकाब चेहरे: कौन हैं ये ‘आस्तीन के सांप’?
इस षड्यंत्र के पीछे दो नाम प्रमुखता से उभर कर आए हैं:
- हार्दिक हुडिया (मुंबई): खुद को पत्रकार बताने वाला यह शख्स समाज के भीतर रहकर धर्मगुरुओं के खिलाफ प्रोपेगेंडा चला रहा है।
- जगत पारेख (अहमदाबाद): आपराधिक पृष्ठभूमि वाला यह व्यक्ति पहले भी कई थानों में दर्ज मामलों में लिप्त रहा है।
इन लोगों ने न केवल सूरत नगर निगम (SMC) में झूठी अर्जियां डालकर निर्माण कार्य रुकवाने की कोशिश की, बल्कि सूरत डायमंड एसोसिएशन जैसी संस्थाओं को भी डराने का प्रयास किया है।
ग्रुप एडिटर की कलम से: “धमकी से नहीं, सच्चाई से चलता है महानगर मेट्रो”
इस खुलासे के बाद हताश होकर हार्दिक हुडिया ने ‘महानगर मेट्रो’ के ग्रुप एडिटर पवन माकन को फोन और मैसेज के जरिए खबर रोकने की धमकी दी। लेकिन हुडिया शायद यह भूल गए कि पत्रकारिता जब समाज की रक्षा का संकल्प लेती है, तो वह किसी माफिया से नहीं डरती। महानगर मेट्रो इस गिरोह के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा और जैन समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।
चुनाव और सामाजिक आक्रोश
गुजरात में चुनावी माहौल के बीच जैन समाज में इस घटना को लेकर भारी गुस्सा है। समाज के प्रमुख व्यक्तियों का कहना है कि यदि इन ब्लैकमेलरों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका असर आगामी चुनावों के समीकरणों पर भी पड़ेगा। समाज अब इन तत्वों के ‘सामाजिक बहिष्कार’ की तैयारी कर रहा है।
महानगर मेट्रो की मांग
प्रशासन से: हार्दिक हुडिया और जगत पारेख की तत्काल जांच कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
जैन समाज से: फेक वीडियो और अफवाहों पर ध्यान न दें, महोत्सव को और अधिक भव्य बनाकर इन ताकतों को जवाब दें।
संस्थाओं से: किसी भी दबाव में आए बिना धर्म कार्य में अपना सहयोग जारी रखें।
“धर्म की मर्यादा से खिलवाड़ करने वाले ये चेहरे समाज पर कलंक हैं। इनका स्थान समाज में नहीं, सलाखों के पीछे है।”
विशेष संवाददाता, महानगर मेट्रो न्यूज़

