अहमदाबाद : अपने विवादित बयानों और बेबाक अंदाज को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कंगना रनौत ने योगगुरु बाबा रामदेव को अपना ‘बड़ा भाई’ बताते हुए उन्हें राखी बांधी। इसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने कंगना के पुराने बयानों को याद करते हुए उनके कथित दोहरे रवैये पर जमकर सवाल उठाए हैं।
बाबा रामदेव को ‘बड़ा भाई’ बनाने पर सोशल मीडिया में घमासान
रक्षाबंधन के मौके पर कंगना रनौत और बाबा रामदेव की राखी बंधवाते हुए तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने जहां इस रिश्ते को भाई-बहन के स्नेह और भारतीय परंपरा से जोड़कर देखा, वहीं कई लोगों ने कंगना के पुराने सार्वजनिक बयानों का हवाला देते हुए उनकी आलोचना शुरू कर दी।
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स का कहना है कि कंगना ने अतीत में अपने निजी जीवन, रिश्तों और बेबाक टिप्पणियों को लेकर कई बार खुलकर बयान दिए हैं। ऐसे में अब रक्षाबंधन जैसे पवित्र रिश्ते को लेकर उनका यह सार्वजनिक अंदाज लोगों के एक वर्ग को विरोधाभासी नजर आ रहा है।
‘कल तक निजी बातें, आज भाई-बहन का पवित्र रिश्ता?’—यूजर्स ने उठाए सवाल
कंगना की तस्वीरों और वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके पुराने इंटरव्यू और बयानों को साझा किया। आलोचकों ने सवाल उठाया कि यदि किसी व्यक्ति के सार्वजनिक बयानों में निजी और विवादास्पद विषयों पर खुलकर चर्चा की जाती रही हो, तो बाद में उसी व्यक्ति द्वारा पारंपरिक और पवित्र रिश्ते को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि रक्षाबंधन की गरिमा केवल पहनावे या बाहरी दिखावे से तय नहीं होती, बल्कि रिश्तों के प्रति सम्मान, मर्यादा और व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
कंगना की मंशा पर भी सोशल मीडिया में सवाल
कंगना द्वारा बाबा रामदेव को ‘बड़ा भाई’ कहे जाने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल किया कि यह केवल पारिवारिक स्नेह और परंपरा का हिस्सा है या इसके पीछे प्रचार और राजनीतिक संदेश भी देखा जाना चाहिए।
हालांकि, सोशल मीडिया पर किए जा रहे ये सवाल और आरोप यूजर्स की प्रतिक्रियाएं हैं। कंगना रनौत की ओर से इस पूरे विवाद या आलोचना को लेकर कोई अलग स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं, यह देखना बाकी है।
रक्षाबंधन की पवित्रता को लेकर छिड़ी बहस
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व की गरिमा और सार्वजनिक जीवन जीने वाले लोगों के निजी एवं सार्वजनिक आचरण को लेकर बहस छेड़ दी है। एक पक्ष का कहना है कि भाई-बहन का रिश्ता विश्वास, सम्मान और स्नेह पर आधारित होता है और इसे राजनीतिक या प्रचार के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
वहीं, आलोचना करने वाले यूजर्स का तर्क है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं और कलाकारों के पुराने बयानों तथा वर्तमान सार्वजनिक छवि के बीच अंतर दिखाई देने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
फिलहाल कंगना रनौत और बाबा रामदेव की रक्षाबंधन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं और इसे लेकर समर्थकों तथा आलोचकों के बीच अलग-अलग राय देखने को मिल रही है।

