गांधीनगर। भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व का महत्व केवल रक्त संबंधों तक सीमित नहीं है। कई बार यह त्योहार समाज के अलग-अलग लोगों को स्नेह, सम्मान और मानवता के रिश्ते में जोड़ देता है। ऐसा ही एक भावुक और दिल छू लेने वाला दृश्य गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) के कर्मचारियों के साथ देखने को मिला।
रोजाना हजारों यात्रियों को सुरक्षित उनकी मंजिल तक पहुंचाने वाले एसटी निगम के ड्राइवर और कंडक्टरों की कलाई पर स्कूली छात्राओं ने राखी बांधी और उनकी मेहनत, समर्पण तथा जनसेवा के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
हर्ष संघवी ने वीडियो साझा कर की सराहना
राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने इस भावुक पल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने संदेश में कहा कि राखी का पवित्र धागा केवल भाई की कलाई पर नहीं बंधता, बल्कि कई बार यह पूरे समाज को आपसी प्रेम और सम्मान के रिश्ते में जोड़ देता है।
उन्होंने कहा कि रोजाना हजारों लोगों को उनकी मंजिल तक सुरक्षित पहुंचाने वाले एसटी निगम के कर्मयोगियों के लिए छात्राओं द्वारा बांधी गई राखी केवल त्योहार की रस्म नहीं थी, बल्कि उनकी निष्ठा, मेहनत और जनसेवा के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति थी।
नन्हे हाथों से बंधी राखी में सम्मान और सुरक्षा का संदेश
बारिश हो या कड़ाके की ठंड, दिन हो या रात—एसटी निगम के ड्राइवर और कंडक्टर अपने परिवार से दूर रहकर भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को सुरक्षित यात्रा कराने की जिम्मेदारी निभाते हैं।
ऐसे कर्मयोगियों की कलाई पर जब स्कूली छात्राओं ने स्नेहपूर्वक राखी बांधी तो माहौल भावुक हो गया। इस दौरान एसटी कर्मचारियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और कई कर्मयोगी भी भावुक नजर आए।
छात्राओं के नन्हे हाथों से बंधी राखी में केवल रक्षाबंधन की परंपरा ही नहीं, बल्कि आदर, सेवा, समर्पण और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिखाई दिया।
सेवा, विश्वास और मानवता का अनोखा रिश्ता
इस अनोखे रक्षाबंधन आयोजन ने यह संदेश दिया कि स्नेह और सुरक्षा की भावना केवल परिवार या रक्त संबंधों तक सीमित नहीं होती। समाज के लिए निस्वार्थ भाव से काम करने वाले लोगों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता भी एक मजबूत मानवीय रिश्ता बनाती है।
स्कूली छात्राओं के इस सम्मानजनक और मानवीय प्रयास की सराहना की जा रही है। वहीं, एसटी निगम के कर्मचारियों का उत्साह भी इस भावुक सम्मान के बाद और बढ़ा है।

