Homeभारतगुजरातछोटा उदेपुर नगर पालिका चुनाव में नया विवाद छोटा उदेपुर नगर पालिका...

छोटा उदेपुर नगर पालिका चुनाव में नया विवाद छोटा उदेपुर नगर पालिका अध्यक्ष की सदस्यता रद्द होने के बाद अब चुनाव फॉर्म की मंजूरी की प्रक्रिया पर संदेह है।

छोटा उदेपुर की राजनीति के बारे में बात करते हैं, जहां पिछले कुछ समय से लगातार उथल-पुथल देखी जा रही है। कुछ समय पहले जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति की रिपोर्ट के बाद नगर पालिका अध्यक्ष समेत सदस्यों की सदस्यता रद्द कर दी गई थी। इस घटना के बाद एक नया खुलासा हुआ है, जिसने राजनीतिक गरमाहट ला दी है। आज हम फरवरी 2025 में होने वाले छोटा उदेपुर नगर पालिका चुनाव के बारे में बात कर रहे हैं। इस चुनाव में उम्मीदवारी फॉर्म की मंजूरी प्रक्रिया पर गंभीर संदेह व्यक्त किए गए हैं।

आइए विस्तार से समझते हैं कि पूरा मामला क्या है। इस समय छोटा उदेपुर नगर पालिका की राजनीति में काफी गरमाहट है। अध्यक्ष के निलंबन के बाद अब अगले अध्यक्ष चुनाव से पहले एक और मुद्दा चर्चा में आ गया है। इस बार यह निशाने पर है। इलेक्शन कमीशन के लेटर में दी गई डिटेल्स के मुताबिक, एक एप्लीकेंट ने बताया है कि ज़मीन की प्रॉपर्टी के सात बार के एक्सट्रैक्ट में कैंडिडेट का असली नाम ‘कोली मांगीबेन जंगलियाभाई’ है। जबकि नॉमिनेशन फॉर्म ‘बरिया मीनाबेन भूपतभाई’ के नाम से भरा गया है। सवाल यह उठता है कि, क्या चुनाव के समय रिटर्निंग ऑफिसर (RO) ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया? अगर यह गड़बड़ी उनके दिमाग में थी, तो फॉर्म को मंज़ूरी कैसे मिली? यह जांच का एक बड़ा विषय बन गया है। क्या उस समय कोई गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था या बाद में गजट में नाम बदल दिया गया था?

इस विवाद के बाद, स्टेट इलेक्शन कमीशन ने इसे गंभीरता से लिया है। स्टेट इलेक्शन कमीशन की तरफ से छोटा उदयपुर डिस्ट्रिक्ट म्युनिसिपैलिटी, इलेक्शन ऑफिसर और कलेक्टर को एक लेटर भेजा गया है। इस लेटर में एप्लीकेंट ‘नीरूबेन राठवा’ की तरफ से की गई बात का ज़िक्र किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 16-2-2025 को हुए नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 7 में एक उम्मीदवार का फॉर्म उसके नाम में बड़ी गड़बड़ी के बावजूद मंजूर कर लिया गया था। अब, राज्य चुनाव आयोग ने कलेक्टर को पत्र भेजकर इस पूरे मामले पर सफाई मांगी है। आयोग ने निर्देश दिया है कि अगर फॉर्म गैर-कानूनी तरीके से मंजूर किया गया था, तो उचित कार्रवाई की जाए। सवाल यह है कि अगर दस्तावेजों में नाम वाकई अलग था, तो फॉर्म किस आधार पर मंजूर किया गया? क्या यह प्रशासनिक गलती है या कुछ और? अब कलेक्टर की रिपोर्ट के बाद ही इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।

यह साफ है कि छोटा उदेपुर नगर निगम की राजनीति एक और मोड़ पर आ गई है। जाति प्रमाण पत्र जारी होने के बाद, यह देखना बाकी है कि यह फॉर्म मंजूरी विवाद आने वाले चुनावों पर क्या असर डालेगा। हमारी नजरें लगातार इस मामले पर बनी हुई हैं, और अपडेट के लिए बने रहें। धन्यवाद।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments