अहमदाबाद शहर को पूरी तरह से नशा-मुक्त बनाने और नशीली दवाओं के गैर-कानूनी काले धंधे पर रोक लगाने के मकसद से शहर के पुलिस डिपार्टमेंट ने एक बहुत ही अहम और तारीफ़ के काबिल पहल की है। अहमदाबाद शहर के सभी पुलिस स्टेशनों में काम करने वाली ‘एंटी-नारकोटिक्स’ टीमों को और ज़्यादा काबिल, काबिल और कानूनी तौर पर जागरूक बनाने के मकसद से, ‘NDPS – नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस’ एक्ट पर खास ट्रेनिंग और ज़रूरी गाइडेंस देने के लिए एक खास सेमिनार का आयोजन किया गया।
अहमदाबाद शहर के पुलिस कमिश्नर श्री अनुपम सिंह गहलोत इस अहम सेमिनार में खास तौर पर मौजूद थे। सेमिनार में मौजूद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए, उन्होंने शहर से ड्रग्स की बुराई को खत्म करने के लिए ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाने की अपील की। पुलिस कमिश्नर के अलावा, इस प्रोग्राम में दूसरे सीनियर और टॉप पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे और उन्होंने अपने अनुभवों और कानूनी पहलुओं पर गहराई से चर्चा की। शहर के सभी पुलिस स्टेशनों से करीब 300 चुने हुए पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों ने इस ट्रेनिंग सेमिनार में हिस्सा लिया। सेमिनार के दौरान, एक्सपर्ट्स ने NDPS एक्ट के तहत केस फाइल करते समय ध्यान में रखने वाले कानूनी नियमों, रेड के दौरान अपनाए जाने वाले प्रोसेस, सबूत इकट्ठा करने और उन्हें कोर्ट के सामने मजबूती से पेश करने के सही तरीकों पर डिटेल में गाइडेंस दी। इस स्पेशल ट्रेनिंग से शहर पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टीमें और मजबूत होंगी और ड्रग माफिया और ड्रग डीलरों के खिलाफ सख्त और असरदार कानूनी सज़ा दी जा सकेगी।

