मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य सरकार सभी विभागों में पेंडिंग प्रमोशन क्लीयर करने के लिए इस साल से विभागीय प्रमोशन कमेटियां (DPC) आयोजित करेगी। मंत्रालय में एक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन और भत्ते देना उनका अधिकार है।
सीएम मोहन यादव ने किया पेंडिंग प्रमोशन का ऐलान
भोपाल: मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने लंबित पड़े प्रमोशन के मामलों को निबटाने के लिए इस साल से सभी विभागों में विभागीय प्रमोशन कमेटियों (DPC) की प्रक्रिया शुरू करने का बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि अब यह प्रक्रिया अटकी नहीं रहेगी, बल्कि हर साल नियमित रूप से आयोजित की जाएगी ताकि पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर उनका हक मिल सके।
मंत्रालय में सम्मान समारोह के दौरान किया ऐलान
मंत्रालय में आयोजित एक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुएमुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को सभी देय वेतन, भत्ते और प्रमोशन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इन लाभों को कर्मचारियों का अधिकार करार देते हुए कहा कि समय पर मिलने वाले इन फायदों से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है और उनके परिवारों में खुशियां आती हैं। सरकार के इस कदम से लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों में एक नई उम्मीद जगी है।
ग्वालियर को पंजाब-हरियाणा से आगे ले जाने का संकल्प
एक अन्य कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री ने वर्चुअली रूप से ग्वालियर जिले के डबरा में आयोजित ‘बलराम कृषि महाउत्सव’ को भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के किसानों का आह्वान किया कि वे पारंपरिक फसलों से आगे बढ़कर प्राकृतिक खेती और उन्नत पशुपालन को अपनाएं ताकि उनकी आय में बढ़ोतरी हो सके। सीएम ने किसानों को सलाह दी कि वे अपनी जमीन की क्षमता का आकलन कर उसके अनुसार ही फसलों और सहायक गतिविधियों का चुनाव करें।
मध्य प्रदेश सरकार ने सभी विभागों में पेंडिंग प्रमोशन क्लीयर करने के लिए DPC प्रक्रिया शुरू की।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन देना सरकार की प्राथमिकता है।
डबरा (ग्वालियर) में बलराम कृषि महाउत्सव के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दी गई।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ग्वालियर संभाग कृषि, शिक्षा और डिफेंस के दम पर पंजाब-हरियाणा को भी पीछे छोड़ सकता है।
कृषि के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों से मुकाबला
ग्वालियर संभाग की संभावनाओं पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, रक्षा, कृषि, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी उत्पादन के क्षेत्र में यह क्षेत्र बेहद मजबूत है। उन्होंने विश्वास जताया कि सही दिशा में किए जा रहे प्रयासों के चलते आने वाले समय में ग्वालियर कृषि के मामले में पंजाब और हरियाणा जैसे अग्रणी राज्यों को भी कड़ी टक्कर देगा और उनसे आगे निकल जाएगा।

