अहमदाबाद. गुजरात में शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के गांधी के दावों के बीच स्टेट मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) की टीम ने अहमदाबाद शहर में छापेमारी कर बड़ा धमाका किया है. राज्य मॉनिटरिंग सेल ने गहन खुफिया जानकारी के आधार पर अहमदाबाद के एक विशिष्ट क्षेत्र में छापेमारी की है और भारी मात्रा में प्रीमियम ‘रॉयल स्टैग’ ब्रांड शराब की विदेशी बोतलें जब्त की हैं। लेकिन इस छापेमारी में सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि जब्त की गई बोतलों पर कोई बारकोड या ट्रैकिंग कोड नहीं था.
गांधीनगर से सीधे एसएमसी की इस औचक छापेमारी और बिना बारकोड वाली शराब की मात्रा के आंकड़े सामने आने से स्थानीय पुलिस स्टेशन के
अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है और उच्च अधिकारियों के भी होश उड़ गए हैं.
बिना बारकोड वाली बोतलें: बूटलेगर्स और सिंडिकेट्स की नई कार्यप्रणाली?
आम तौर पर, शराब नेटवर्क चलाने वाले बूटलेगर्स और माफिया अवैध तस्करी या आपूर्ति श्रृंखला ट्रैकिंग से बचने के लिए बोतलों से बारकोड मिटा देते हैं, या यह संदेह होता है कि यह मात्रा सीधे कारखाने से लीक हो गई है या हरियाणा, राजस्थान जैसे राज्यों से अवैध सीमा पार करके अहमदाबाद में लाई गई है।
स्थानीय पुलिस की घोर विफलता या मिलीभगत?: जिस क्षेत्र से एसएमसी ने करोड़ों/लाखों की शराब जब्त की, उस क्षेत्र में गश्त करने का दावा करने वाली स्थानीय पुलिस को इतनी बड़ी मात्रा में शराब की गंध क्यों नहीं आई?
रंगदारी का हथकंडा?: राज्य मॉनिटरिंग सेल की एंट्री ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अवैध शराब तस्कर स्थानीय पुलिस की नाक के नीचे शराब का नेटवर्क बेरहमी से चला रहे थे.
उच्च स्तरीय जांच तेज: एसएमसी टीम ने यह पता लगाने के लिए गहन जांच की है कि बिना बारकोड वाली ये बोतलें कहां से आईं, किस फैक्ट्री या किस राज्य से इनकी आपूर्ति की गई और अहमदाबाद में किसने इतनी मात्रा का ऑर्डर दिया।
थाने में सन्नाटा, सख्त कार्रवाई की आशंका
राज्य मॉनिटरिंग सेल की इस कार्रवाई के बाद अब पूरी संभावना है कि स्थानीय पीआई, पीएसआई समेत बीट प्रभारी पुलिस कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई होगी. गुजरात में शराबबंदी के नाम पर कागजों पर सख्त दावों के बीच एसएमसी की इस छापेमारी ने साबित कर दिया है कि अहमदाबाद शहर में शराब
तस्करों का नेटवर्क कितना मजबूत है.
‘महानगर मेट्रो’ इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है. देखना यह है कि इस बारकोडलेस शराब घोटाले में किन बड़े आकाओं और अधिकारियों का नाम आएगा।

