गुजरात में लंबे समय से सत्ता से बाहर और संघर्ष कर रही कांग्रेस पार्टी में नई जान फूंकने के लिए दिल्ली हाईकमान ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। राज्य में पार्टी के जमीनी स्तर पर ऑर्गेनाइजेशनल बदलाव करने और कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकने के लिए दिल्ली से एक नया ‘ब्लू प्रिंट’ तैयार किया गया है। इसी स्ट्रैटेजी के तहत देश के जाने-माने और सफल चुनावी स्ट्रैटेजिस्ट (रणनीतिकार) सुनील कनुगोलू को गुजरात कांग्रेस की कमान सौंपी गई है।
स्टेट स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया जाएगा
हाईकमान के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गुजरात कांग्रेस के मौजूदा स्टेट स्ट्रक्चर में बहुत जल्द एक बड़ा सर्जिकल जैसा बदलाव देखने को मिलेगा। इनैक्टिव पदाधिकारियों को उनके पदों से मुक्त किया जाएगा और ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले युवा नेताओं को ऑर्गेनाइजेशन में अहम जिम्मेदारियां दी जाएंगी। जिला और तालुका लेवल तक संगठन को फिर से बनाने और उसे आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतारने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
सुनील कनुगोलू का ‘कर्नाटक और तेलंगाना’ मॉडल अब गुजरात में
सुनील कनुगोलू की रणनीति ने कर्नाटक और तेलंगाना विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को शानदार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब वह गुजरात में भी इसी पैटर्न पर काम करेंगे। कनुगोलू की टीम ने गुजरात के हर इलाके, जातिगत समीकरणों, लोगों के ज्वलंत मुद्दों और पार्टी की कमजोरियों पर गहन ग्राउंड सर्वे शुरू कर दिया है। इसी सर्वे के आधार पर आने वाले समय में उम्मीदवार और रणनीति तय की जाएगी।
महानगर मेट्रो न्यूज़ सवाल: क्या नई रणनीति कांग्रेस का वनवास खत्म करेगी?
गुजरात में बीजेपी के मजबूत किले को तोड़ना कांग्रेस के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। इसलिए, प्रशांत किशोर के बाद अब देखना यह है कि सुनील कनुगोलू पर भरोसा करके कांग्रेस जो नया दांव खेलने जा रही है, वह कितना सफल होगा। क्या कांग्रेस सिर्फ़ चेहरे और रणनीतिकार बदलकर गुजरात के वोटरों का भरोसा जीत पाएगी? महानगर मेट्रो न्यूज़ कांग्रेस के इस नए मास्टर प्लान और उसके नतीजों पर कड़ी नज़र रखेगा।

