दिवाली पर बिक रही महंगी मिठाइयों की चमक के पीछे मिलावट का खेल, नगर निगम की टीम ने नमूने जांच के लिए भेजे; लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
अहमदाबाद। दिवाली के त्योहार पर मिठाइयों की खरीदारी करने वाले लोगों के लिए चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मिठाइयों को आकर्षक दिखाने के लिए उन पर चढ़ाई जाने वाली चांदी की परत यानी वर्क के स्थान पर एल्यूमिनियम का इस्तेमाल किए जाने का खुलासा हुआ है। अहमदाबाद नगर निगम के खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में यह गड़बड़ी सामने आने के बाद मिठाई कारोबार में मिलावट को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
आमतौर पर मिठाइयों पर लगी चमकदार परत को लोग खाने योग्य असली चांदी का वर्क मानते हैं। लेकिन आरोप है कि कुछ मिठाई विक्रेता और निर्माता मुनाफा बढ़ाने के लिए असली चांदी की जगह सस्ते एल्यूमिनियम के वर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। असली चांदी की कीमत अधिक होने के कारण उसकी जगह कम लागत वाली धातु का उपयोग किया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को असली चांदी के नाम पर मिलावटी उत्पाद बेचे जाने की आशंका है।
दिवाली को देखते हुए नगर निगम के खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर की मिठाई की दुकानों, नमकीन विक्रेताओं और गोदामों में जांच अभियान चलाया। इस दौरान संदिग्ध मिठाइयों और उन पर इस्तेमाल किए गए वर्क के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजे गए। जांच रिपोर्ट में कई मिठाइयों पर चांदी के बजाय एल्यूमिनियम की परत होने की बात सामने आई है। इनमें स्थानीय और ब्रांडेड मिठाइयां भी शामिल बताई गई हैं।
खाद्य सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का निर्धारित मानकों के अनुरूप होना जरूरी है। गलत धातु का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए त्योहारों के दौरान मिठाई खरीदते समय गुणवत्ता और विश्वसनीयता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे संदिग्ध दुकानों से मिठाई खरीदने से बचें और गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत करें। त्योहार की खुशियों के बीच मिलावट का यह मामला उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

