जीएसआरटीसी और नामी कंपनियों के नाम पर बनाए बोगस ई-मेल आईडी; व्हाट्सऐप पर भेजे फर्जी दस्तावेज और चेक, अहमदाबाद साइबर क्राइम में मामला दर्ज
अहमदाबाद। सरकारी और बड़ी निजी कंपनियों के टेंडर दिलाने का झांसा देकर एक व्यापारी से 40.63 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) और देश की नामी कंपनियों के नाम से मिलते-जुलते फर्जी ई-मेल आईडी बनाए। इसके बाद ऑनलाइन टेंडर का काम करने वाले व्यापारी से संपर्क कर बड़े सरकारी और कॉरपोरेट ठेके दिलाने का भरोसा दिलाया। मामले में अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोपियों ने व्यापारी का विश्वास जीतने के लिए खुद को सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित कंपनियों का प्रतिनिधि बताया। उन्होंने ई-मेल के जरिए संपर्क करने के साथ व्हाट्सऐप पर आधिकारिक दिखने वाले फर्जी पत्र, दस्तावेज और भुगतान से जुड़े नकली चेक भी भेजे। ठगों ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर सुरक्षा जमा राशि, प्रक्रिया शुल्क और आदेश की पुष्टि जैसे अलग-अलग मदों में रकम मांगी।
व्यापारी को दस्तावेज और बातचीत वास्तविक लगने के कारण ठगों की बातों पर भरोसा हो गया। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग चरणों में उससे कुल 40 लाख 63 हजार रुपये अपने बताए गए बैंक खातों में जमा करवा लिए। रकम मिलने के बाद जब टेंडर की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई और आरोपियों के मोबाइल नंबर बंद आने लगे, तब व्यापारी को ठगी का अहसास हुआ।
इसके बाद पीड़ित ने अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच शुरू कर दी है। बैंक खातों के लेन-देन, इंटरनेट प्रोटोकॉल पते और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ठगी के नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
यह मामला सरकारी और निजी कंपनियों के टेंडर से जुड़े व्यापारियों के लिए गंभीर चेतावनी है। किसी भी टेंडर के नाम पर सुरक्षा जमा, प्रक्रिया शुल्क या अन्य भुगतान करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित संपर्क माध्यम से जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।

