आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज का कनेक्शन लखनऊ के केजीएमयू धर्म परिवर्तन रैकेट से निकला है। इस समूह के लोगों ने इस्लामिक मेडिकोज नाम से एक किताब भी प्रकाशित की थी।
आगरा: लखनऊ के केजीएमयू में धर्मांतरण और महिला डॉक्टरों के यौन शोषण के मामले की जांच में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज का कनेक्शन भी सामने आया है। जांच के दायरे में आया डॉ. रमीजुद्दीन केजीएमयू मामले के मुख्य आरोपी डॉ. अनीस का करीबी बताया जा रहा है। रमीज ने वर्ष 2012 में एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था। उस दौरान कॉलेज में ‘इस्लामिक मेडिकोज’ नाम से एक समूह भी सक्रिय था।
बताया जा रहा है कि इस समूह से जुड़े लोगों ने ‘इस्लामिक मेडिकोज’ नाम से एक किताब भी प्रकाशित की थी। इसमें वर्ष 2012 से 2016 बैच तक के मेडिकल छात्रों का विवरण शामिल था। इस सूची में एसएन मेडिकल कॉलेज के छात्र रहे डॉ. रमीज का नाम भी दर्ज था। रमीज ने एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान कॉलेज में एक साल तक रेजिडेंट के तौर पर चिकित्सा कार्य भी किया था।
छात्रों का रिकॉर्ड ले गई एसटीएफ
सूत्रों के मुताबिक, एसटीएफ ने इस मामले की पड़ताल के दौरान कई बार एसएन मेडिकल कॉलेज का दौरा किया था। टीम ने कॉलेज प्रशासन से वर्ष 2012 से 2018 तक के एमबीबीएस, पीजी, रेजिडेंट और अन्य मेडिकल छात्रों का रिकॉर्ड मांगा था। एसटीएफ इस रिकॉर्ड को अपने साथ ले गई थी। जांच टीम ने रमीज के सहपाठियों, प्रोफेसरों और अन्य लोगों से भी उसके व्यवहार और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई थी।
अलग बैठकें करता था रमीज
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि अलीगढ़ से कुछ लोग रमीज से मिलने एसएन मेडिकल कॉलेज आते थे। इन लोगों के साथ उसकी अलग से बैठकें होती थीं। कॉलेज से जुड़े कुछ लोगों ने एसटीएफ को एक हिंदू युवती के धर्मांतरण की बात भी बताई, जिसके तार अलीगढ़ से जुड़े होने की जानकारी सामने आई थी।
एसटीएफ की जांच में इस्लामिक मेडिकोज समूह की गतिविधियों और उसके नेटवर्क की शुरुआत को लेकर भी पड़ताल की गई। एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसटीएफ ने डॉ. रमीज के चिकित्सीय रिकॉर्ड और अन्य जानकारियां मांगी थीं। इसके साथ ही वर्ष 2012 से 2018 तक के सभी मेडिकल छात्रों का रिकॉर्ड भी टीम अपने साथ ले गई थी।

