: सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर पुलिस आयुक्त अनुपमसिंह गहलोत ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को किया रवाना, पुलिसकर्मियों, युवाओं और नागरिकों ने उत्साह के साथ लिया हिस्सा
अहमदाबाद। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर अहमदाबाद में पुलिस विभाग की ओर से भव्य एकता दौड़ का आयोजन किया गया। भारत की एकता और अखंडता के प्रतीक लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का उत्साह देखने को मिला। अहमदाबाद शहर पुलिस की ओर से आयोजित इस दौड़ के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त अनुपमसिंह गहलोत विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने एकता दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, गृह रक्षकों के साथ बड़ी संख्या में युवाओं और आम नागरिकों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। पुलिस आयुक्त की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।
एकता दौड़ के दौरान शहर में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता के संदेश के साथ दौड़ में हिस्सा लिया। पुलिस विभाग की इस पहल का उद्देश्य केवल शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और एकजुटता की भावना को मजबूत करना भी रहा।
इस अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को भी याद किया गया। स्वतंत्रता के बाद देश की रियासतों के एकीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व के बल पर उन्होंने अनेक रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया। इसी कारण उन्हें देश में लौह पुरुष के नाम से सम्मानित किया जाता है।
कार्यक्रम के माध्यम से सरदार पटेल के विचारों और उनके राष्ट्रीय एकता के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। प्रतिभागियों ने देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा और विकास के प्रति समर्पित रहने की भावना व्यक्त की।
अहमदाबाद शहर पुलिस की ओर से आयोजित इस एकता दौड़ ने पुलिस प्रशासन और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय का संदेश भी दिया। आयोजन के जरिए नागरिकों को यह प्रेरणा दी गई कि देश की मजबूती और अखंडता बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता जरूरी है।

