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स्टॉक मार्केट में ज़्यादा रिटर्न का वादा करके करोड़ों रुपये ठगने वाले इंटरनेशनल स्कैम का पर्दाफाश हुआ है।

दुबई तक फैले मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का पर्दाफाश: अहमदाबाद साइबर क्राइम ने बैंक अकाउंट से पैसे भेजने वाले एक इंटरनेशनल गैंग के 4 सदस्यों को
पकड़ा।

अहमदाबाद: अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने गुजरात समेत पूरे देश में साइबर फ्रॉड और डिजिटल गिरफ्तारियों पर नकेल कसी है और स्टॉक मार्केट में ज़्यादा रिटर्न का वादा करके करोड़ों रुपये ठगने वाले एक इंटरनेशनल साइबर गैंग का पर्दाफाश किया है। पता चला है कि साइबर फ्रॉड करने वाले आम लोगों से लाखों-करोड़ों रुपये ठगकर उस रकम को बैंक अकाउंट के ज़रिए विदेश (दुबई) भेज रहे थे। इस हाई-प्रोफाइल साइबर स्कैम में पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करके पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है।

अहमदाबाद साइबर क्राइम द्वारा गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में (1) इरफान शेख, (2) सोहैब जोजावरवाला, (3) शहजाद अजमेरवाला और (4) इस्तियाक रियावाला शामिल हैं। ये सभी आरोपी एक अच्छी तरह से ऑर्गनाइज़्ड चेन बनाकर क्रिमिनल एक्टिविटीज़ को अंजाम दे रहे थे और साइबर फ्रॉड को आसान बनाने के लिए दुबई में पैसे भेजने के लिए बैंक अकाउंट किराए पर ले रहे थे। यह इंटरनेशनल स्कैम कैसे काम करता था? (चेन की डिटेल्स)
पुलिस जांच में पता चला है कि यह पूरा गैंग बहुत करप्ट तरीके से काम कर रहा था और एक के बाद एक लोग कमीशन के लालच में इस चेन से जुड़ते गए:

इरफान शेख: वह अपना बैंक अकाउंट खुद खोलता था और कमीशन मिलने के बाद वह अकाउंट सोहेब को दे देता था।

सोहेब जोजावरवाला: वह अपने और इरफान समेत दूसरे लोगों के पांच से ज़्यादा बैंक अकाउंट बनवाता था और फिर उन्हें शहजाद को देकर बदले में कमीशन लेता था।

शहजाद अजमेरवाला: यह आदमी बैंक अकाउंट बनवाने के लिए मेनली जिम्मेदार था। वह सोहेब और दूसरों को कमीशन देता था और अपना कमीशन रखने के बाद उन बैंक अकाउंट को इस्तियाक को दे देता था।

इस्तियाक रियावाला: इस्तियाक, जिसे इस गैंग का मेन मिडिलमैन या लिंक कहा जा सकता है, ये सारे बैंक अकाउंट बनवाकर सीधे दुबई भेजता था और मोटा कमीशन वसूलता था। साइबर क्राइम टीम ने जांच के दौरान मास्टरमाइंड इस्तियाक से 30 से ज़्यादा बैंक अकाउंट किट (डेबिट कार्ड, चेक बुक, पासबुक वगैरह) ज़ब्त किए हैं, जिससे यह साफ़ होता है कि इस गैंग ने बड़े पैमाने पर आर्थिक अपराध किए हैं।

देश भर में फैला नेटवर्क और करोड़ों का लेन-देन

आरोपियों द्वारा साइबर धोखाधड़ी के लिए पैसे जमा करने और ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक अकाउंट का पता लगाने पर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। देश के 15 से ज़्यादा राज्यों में इन बैंक अकाउंट के ख़िलाफ़ कुल 80 से ज़्यादा गंभीर शिकायतें दर्ज की गई हैं। इतना ही नहीं, शुरुआती जांच में ही साइबर क्राइम पुलिस को इन अकाउंट के ज़रिए 50 करोड़ रुपये से ज़्यादा के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है, जिसने जांच एजेंसी को भी चौंका दिया है।

शेयर बाज़ार में निवेश के नाम पर ज़्यादा रिटर्न का लालच देकर भोले-भाले नागरिकों को लूटने वाले इस गैंग ने देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका दिया है। अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने टाइम इंडिकेटर का इस्तेमाल करके इस इंटरनेशनल सिंडिकेट के चार रिंग्स को पकड़ा है, वहीं इस रेस में शामिल दूसरे बड़े नामों और दुबई से उनके कनेक्शन के बारे में और गहराई से जांच की गई है। ‘पाको गुजरात’ लोगों से अपील करता है कि वे सतर्क रहें और ऐसी लालची
साइबर स्कीम्स से दूर रहें।स्टॉक मार्केट में ज़्यादा रिटर्न का वादा करके करोड़ों रुपये ठगने वाले इंटरनेशनल स्कैम का पर्दाफाश हुआ है।

दुबई तक फैले मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का पर्दाफाश: अहमदाबाद साइबर क्राइम ने बैंक अकाउंट से पैसे भेजने वाले एक इंटरनेशनल गैंग के 4 सदस्यों को पकड़ा।

अहमदाबाद: अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने गुजरात समेत पूरे देश में साइबर फ्रॉड और डिजिटल गिरफ्तारियों पर नकेल कसी है और स्टॉक मार्केट में ज़्यादा रिटर्न का वादा करके करोड़ों रुपये ठगने वाले एक इंटरनेशनल साइबर गैंग का पर्दाफाश किया है। पता चला है कि साइबर फ्रॉड करने वाले आम लोगों से लाखों-करोड़ों रुपये ठगकर उस रकम को बैंक अकाउंट के ज़रिए विदेश (दुबई) भेज रहे थे। इस हाई-प्रोफाइल साइबर स्कैम में पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करके पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है।

अहमदाबाद साइबर क्राइम द्वारा गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में (1) इरफान शेख, (2) सोहैब जोजावरवाला, (3) शहजाद अजमेरवाला और (4) इस्तियाक रियावाला शामिल हैं। ये सभी आरोपी एक अच्छी तरह से ऑर्गनाइज़्ड चेन बनाकर क्रिमिनल एक्टिविटीज़ को अंजाम दे रहे थे और साइबर फ्रॉड को आसान बनाने के लिए दुबई में पैसे भेजने के लिए बैंक अकाउंट किराए पर ले रहे थे। यह इंटरनेशनल स्कैम कैसे काम करता था? (चेन की डिटेल्स)
पुलिस जांच में पता चला है कि यह पूरा गैंग बहुत करप्ट तरीके से काम कर रहा था और एक के बाद एक लोग कमीशन के लालच में इस चेन से जुड़ते गए:
इरफान शेख: वह अपना बैंक अकाउंट खुद खोलता था और कमीशन मिलने के बाद वह अकाउंट सोहेब को दे देता था।

सोहेब जोजावरवाला: वह अपने और इरफान समेत दूसरे लोगों के पांच से ज़्यादा बैंक अकाउंट बनवाता था और फिर उन्हें शहजाद को देकर बदले में कमीशन लेता था।

शहजाद अजमेरवाला: यह आदमी बैंक अकाउंट बनवाने के लिए मेनली जिम्मेदार था। वह सोहेब और दूसरों को कमीशन देता था और अपना कमीशन रखने के बाद उन बैंक अकाउंट को इस्तियाक को दे देता था।

इस्तियाक रियावाला: इस्तियाक, जिसे इस गैंग का मेन मिडिलमैन या लिंक कहा जा सकता है, ये सारे बैंक अकाउंट बनवाकर सीधे दुबई भेजता था और मोटा कमीशन वसूलता था। साइबर क्राइम टीम ने जांच के दौरान मास्टरमाइंड इस्तियाक से 30 से ज़्यादा बैंक अकाउंट किट (डेबिट कार्ड, चेक बुक, पासबुक वगैरह) ज़ब्त किए हैं, जिससे यह साफ़ होता है कि इस गैंग ने बड़े पैमाने पर आर्थिक अपराध किए हैं।

देश भर में फैला नेटवर्क और करोड़ों का लेन-देन

आरोपियों द्वारा साइबर धोखाधड़ी के लिए पैसे जमा करने और ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक अकाउंट का पता लगाने पर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। देश के 15 से ज़्यादा राज्यों में इन बैंक अकाउंट के ख़िलाफ़ कुल 80 से ज़्यादा गंभीर शिकायतें दर्ज की गई हैं। इतना ही नहीं, शुरुआती जांच में ही साइबर क्राइम पुलिस को इन अकाउंट के ज़रिए 50 करोड़ रुपये से ज़्यादा के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है, जिसने जांच एजेंसी को भी चौंका दिया है।

शेयर बाज़ार में निवेश के नाम पर ज़्यादा रिटर्न का लालच देकर भोले-भाले नागरिकों को लूटने वाले इस गैंग ने देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका दिया है। अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने टाइम इंडिकेटर का इस्तेमाल करके इस इंटरनेशनल सिंडिकेट के चार रिंग्स को पकड़ा है, वहीं इस रेस में शामिल दूसरे बड़े नामों और दुबई से उनके कनेक्शन के बारे में और गहराई से जांच की गई है। ‘पाको गुजरात’ लोगों से अपील करता है कि वे सतर्क रहें और ऐसी लालची साइबर स्कीम्स से दूर रहें।

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