सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड नंबर 10 (अडाजन) से BJP की महिला कॉर्पोरेटर उर्वशी पटेल अपने अजीब और बेतुके बयानों की वजह से अचानक चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। अपने इलाके में आ रहे गंदे, पीले और बदबूदार पानी की गंभीर समस्या के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम की नाकामी को छिपाने के लिए उन्होंने सीधे ‘अल नीनो’ (ग्लोबल क्लाइमेट चेंज) का हवाला दिया। इस बेतुके तर्क के बाद ट्रोल होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘मेरे फॉलोअर्स बढ़ गए हैं’ कहकर एक और पोस्ट करके आग में घी डालने का काम किया है। क्या था पूरा विवाद? पिछले कुछ सालों से सूरत के अडाजन समेत कई इलाकों में रहने वालों के घरों में पीला और गंदा पानी आ रहा है। हर घर में गंदा पानी होने से बीमारी फैलने का डर है और लोकल लोग म्युनिसिपैलिटी से परेशान हैं। जब यह पब्लिक का मामला BJP की महिला कॉर्पोरेटर उर्वशी पटेल के सामने आया, तो उन्होंने सोशल मीडिया पर साइंस और लॉजिक के आधार पर एक विवादित सफाई दी। उन्होंने दावा किया कि, “तापी नदी का पानी ‘एल नीनो’ के असर से पीला हो रहा है!”
कॉर्पोरेटर की इस “साइंटिफिक खोज” वाली सफाई को पढ़कर सूरत के लोग हैरान रह गए। पाइपलाइन लीकेज या सीवेज मिक्सिंग के बजाय, नेटिज़न्स और विपक्ष ने सोशल मीडिया पर उनकी कड़ी आलोचना की और ग्लोबल मौसम की घटना को दोषी ठहराते हुए उन्हें खूब ट्रोल किया।
गलती मानने के बजाय, उन्होंने फॉलोअर्स बढ़ने पर अपनी खुशी ज़ाहिर की!
अपनी इस बेतुकी पोस्ट और अपनी नासमझी के लिए पब्लिक से माफी मांगने या म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन से सफाई करवाने के बजाय, महिला कॉर्पोरेटर ने बदतमीज़ी की हद पार कर दी। हर तरफ से ट्रोल होने के बाद, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक और विवादित पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, “मुझे ट्रोल करने की वजह से मेरे सोशल मीडिया अकाउंट पर फॉलोअर्स में भारी बढ़ोतरी हुई है!” जब जनता पीने के साफ पानी के लिए तरस रही हो और महामारी के खतरे में जी रही हो, तब एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि का फॉलोअर्स बढ़ने पर खुशी जताना लोकतंत्र और जनता का मजाक उड़ाने जैसा है। जब सूरत नगर निगम में BJP का राज है, तो BJP की अपनी महिला पार्षद की इस जानकारी या अज्ञानता को लेकर BJP लीडरशिप भी बैकफुट पर आ गई है।

