दिल्ली में ACP और शाहदरा थाने के SHO अरुण कुमार के तबादले के बाद जिला अदालतों में वकीलों की अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म हो गई है। बैठक में पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतों की जांच दो महीने और वकीलों के खिलाफ दर्ज FIR की जांच एक हफ्ते में पूरी करने पर सहमति बनी है।
नई दिल्ली: वकीलों के चल रहे हड़ताल के बीच बुधवार को ACP गांधी नगर मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के SHO अरुण कुमार का तबादला कर दिया गया। ACP को स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर वुमन एंड चिल्ड्रेन (spuwac) जबकि SHO अरुण कुमार को सिक्योरिटी में भेज गया है। वकील दोनों को निलंबित करने की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे हैं। बताया जा रहा कि वकीलों के दबाव के कारण यह निर्णय लिया गया है। हालांकि पुलिस इसे रूटीन तबादला बता रही है।
ACP मनस्वी वशिष्ठ, SHO अरुण कुमार को निलंबित करने की वकील कर रहे हैं मांग
कड़कड़डूमा कोर्ट के वकील ललित बंसल पर पार्किंग विवाद में कुछ लोगों ने हमला किया था, जिसमें उन्हें काफी चोटें आई थीं। लेकिन वकीलों का आरोप था कि मामला दर्ज करने और आरोपियों को पकड़ने के बाद भी रिश्वत लेकर उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद करीब 15-20 वकील शाहदरा थाने के SHO के कमरे में पहुंच गए। यहां पर काफी गहमागहमी और हंगामा हुआ। 26 अक्टूबर को ACP गांधी नगर मनस्वी वशिष्ठ की शिकायत पर वकीलों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी।
पुलिस अफसरों के तबादले के बाद वकीलों की हड़ताल खत्म
जिला अदालतों में वकीलों की अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म हो गई है। पुलिस अधिकारियों के तबादले और लंबित मामलों की जांच तय समय में पूरी करने पर सहमति बनने के बाद दिल्ली की सभी जिला अदालतों में कामकाज सामान्य होने का रास्ता साफ हो गया है। सभी जिला अदालत बार एसोसिएशनों की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने बुधवार को हड़ताल तत्काल वापस लेने का फैसला किया।
बैठक के बाद दिल्ली पुलिस में फेरबदल
यह फैसला दिल्ली पुलिस, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली और विभिन्न बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने 28 अक्टूबर को तबादले के आदेश जारी किए। आदेश के मुताबिक, शाहदरा जिले में तैनात ACP मनस्वी वशिष्ठ को SDPO, गांधी नगर के पद से हटाकर स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर वुमन एंड चिल्ड्रेन (SPUWAC) में भेज दिया गया है। वहीं, शाहदरा थाने के SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला सिक्योरिटी ब्रांच में कर दिया गया है।
पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतों की 2 महीने में जांच
बैठक में पुलिसकर्मियों और वकीलों के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच को लेकर भी सहमति बनी। शाहदरा बार एसोसिएशन के सदस्यों की ओर से पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई शिकायतों की जांच दो महीने के भीतर पूरी की जाएगी। वहीं, शाहदरा थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 248/2026 में नामजद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं। गिरफ्तार नहीं होने की स्थिति में गैर-जमानती वारंट और लुकआउट सर्कुलर जारी करने जैसी कानूनी कार्रवाई पर सहमति बनी है। इसके अलावा, वकीलों के खिलाफ दर्ज FIR नंबर 252/2026 की जांच एक हफ्ते के भीतर पूरी करने का फैसला लिया गया है।
अदालती कामकाज पर पड़ा था असर
हड़ताल के दौरान जिला अदालतों में न्यायिक कामकाज प्रभावित हुआ। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों और जज ने अदालतों के कामकाज को सुचारू बनाए रखने में सहयोग किया। अहम मामलों की सुनवाई और आदेशों को टाल दिया गया। तबादले के आदेश जारी होने और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन सहित अन्य निकायों से समर्थन मिलने के बाद कोऑर्डिनेशन कमेटी ने सभी वकीलों से तत्काल काम शुरू करने की अपील की।

