देवास के चंदाना और बिंजाना गांवों में संदिग्ध मौतों के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मुख्य आरोपी ने AI की मदद से नकली शराब बनाने का तरीका सीखा और इंदौर से केमिकल मंगाकर इसे लाइसेंसी शराब की पेटियों में खपाया। मामले में अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
देवास: जिले में चंदाना और बिंजाना गांवों में हुई संदिग्ध मौतों के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अजय राठौर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से नकली शराब बनाने का खतरनाक तरीका सीखा था। इसके बाद इंदौर के दवा बाजार से केमिकल मंगवाकर और कबाड़ियों से पुरानी बोतलें खरीदकर यह जहरीला खेल अंजाम दिया गया।
तीन दिन की रिमांड पर आरोपी
सिटी कोतवाली पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन का पुलिस रिमांड मिला है, जबकि दो अन्य आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से छानबीन कर रही है ताकि इसके पीछे जुड़े अन्य चेहरों बेनकाब किया जा सके।
लाइसेंसी दुकानों की आड़ में खपायी नकली शराब
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से लाइसेंसी शराब की आड़ में मौत का सामान बाजार में उतारा। 2 से 6-7 अक्टूबर के बीच नकली शराब तैयार की गई और फिर 7 से 12 अक्टूबर के बीच इसकी बिक्री की गई। आरोप है कि असली शराब की पेटियों के बीच में इन केमिकल वाली बोतलों को छिपाकर ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाया गया, जिससे लोग आसानी से झांसे में आ गए।
इंदौर के दवा बाजार तक पहुंचे तार
जांच में यह भी सामने आया है कि नकली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल इंदौर के प्रसिद्ध दवा बाजार की चौथी मंजिल पर स्थित एक गोदाम से सप्लाई किया गया था। पुलिस और प्रशासन की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस गोदाम को सील कर दिया है। इसके अलावा, मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दो अन्य की तलाश अभी भी जारी है।
एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार
इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच के लिए उज्जैन संभागायुक्त द्वारा एक विशेष समिति का गठन किया गया है। समिति ने चंदाना और बिंजाना गांव पहुंचकर मृतकों के परिजनों और प्रभावित लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इस जांच कमेटी को 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने मृतकों के विसरा और बरामद शराब की बोतलों को FSLजांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौतों की असल वजह एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

