नवपद ओलीजी आराधना नौ दिनों तक चली इस अत्यंत प्रभावशाली नवकार आराधना में उमड़ा जनसैलाब, सकल जैन समाज ने प्राप्त किया आध्यात्मिक पुण्य लाभ
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान, जप-तप और तत्वज्ञान से परिपूर्ण प्रवचन श्रृंखला का हुआ मंगलमय आयोजन
नामली, बड़ावदा और बप्पैया सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से निभाई आराधना की परंपरा
महिदपुर रोड (विशेष प्रतिनिधि) : आध्यात्मिक चेतना, तप, जप और त्याग के प्रतीक जैन धर्म के महान पर्व ‘नवपद ओलीजी’ की नौ दिवसीय आराधना मंगलवार को महिदपुर रोड नगर में अत्यंत भक्तिमय, अनुशासित और हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण के साथ संपन्न हुई। नगर में वर्ष ५७ (चातुर्मास) हेतु विराजित, ज्ञान और तप की प्रतिमूर्ति परम पूज्य साध्वी डॉ. अमृतरसा श्री जी महाराज साहब आदि ठाणा की पावनकारी, ओजस्वी और दिव्य निश्रा में यह संपूर्ण आराधना सफलतापूर्वक आयोजित की गई।
नौ दिनों तक चले इस अनुष्ठान में नगर तथा आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए सैकड़ों आराधकों ने संपूर्ण विधि-विधान के साथ एकासन और नीवी जैसी कठिन तपस्याएं कर नवकार मंत्र के नौ पदों की साधना की। पूज्य साध्वीजी के मुखारविंद से प्रवाहित ज्ञानगंगा में गोते लगाते हुए समाजजनों ने अपने जीवन को धन्य बनाया और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।
विभिन्न परिवारों ने भक्तिभाव से लिया ओलीजी आराधना का लाभ
इस पावन नवपद ओलीजी आराधना को निर्विघ्न और भव्य रूप से संपन्न कराने में जैन समाज के कई प्रतिष्ठित और धर्मनिष्ठ परिवारों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इस दौरान भक्ति और प्रभावना का लाभ लेने वाले प्रमुख परिवारों में:
श्रेणिक कुमार सुभाष चंद्र परिवार
मुकेश कुमार, संतोष कुमार, दिनेश कुमार, महावीर, विरल रांका चत्तर परिवार (नामली)
स्वर्गीय शांतिलाल, ताराबाई, अशोक कुमार, स्वर्गीय सुनील कुमार, दिलीप कुमार हिंगड़ परिवार (बड़ावदा)
गुप्त लाभार्थी परिवार
इन सभी परिवारों ने साधना के नौ दिनों में आराधकों की सुख-साता (वैयावृच्च) और धार्मिक व्यवस्थाओं में अपना अमूल्य योगदान देकर पुण्य का उपार्जन किया।
गुरु पूर्णिमा पर विशेष अनुष्ठान और अमृतमयी प्रवचन श्रृंखला
आराधना काल के दौरान ही आए गुरु पूर्णिमा के परम पावन अवसर पर महिदपुर रोड के जैन उपाश्रय एवं आराधना भवन में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रही। इस पावन दिवस पर संपूर्ण दिन की व्यवस्थाओं एवं धार्मिक क्रियाओं का विशेष लाभ कोमलचंद सचिन कुमार भंडारी परिवार (बप्पैया वाला) द्वारा अत्यंत उत्साह एवं भावुकता के साथ लिया गया।
साध्वी डॉ. अमृतरसा श्री जी महाराज साहब ने अपने मंगल प्रवचनों में ‘नवपद’ (अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु, दर्शन, ज्ञान, चरित्र और तप) के गूढ़ आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवपद ओलीजी केवल शारीरिक तपस्या का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मा की शुद्धि, कर्मों के क्षय और सम्यक दर्शन को प्राप्त करने का सर्वोत्तम साधन है। साध्वीजी की ओजस्वी और ज्ञानवर्धक वाणी को सुनकर सकल जैन श्री संघ भावविभोर हो गया।
सकल जैन श्री संघ की गरिमामयी उपस्थिति
नौ दिनों तक चले इस धार्मिक महोत्सव में स्थानीय एवं बाहरी क्षेत्रों से आए सकल जैन श्री संघ के श्रावक-श्राविकाओं ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतिदिन सुबह सामूहिक प्रतिक्रमण, नवकारसी, दोपहर में तत्व चर्चा व प्रवचन, तथा संध्या समय भक्ति संध्या और आरती का आयोजन किया गया, जिससे संपूर्ण नगर धर्ममय माहौल में सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम के अंत में सभी आराधकों का बहुमान किया गया और पारणा (आराधना का समापन) कराकर कार्यक्रम का मंगल समापन हुआ। इस संपूर्ण भव्य आयोजन एवं धार्मिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी द्वारा दी गई।

