अग्निवीर भर्ती मेंं युवकों को मेडिकल फिटनेस और भर्ती परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठने के आरोप में पुलिस ने मतपाल को गिरफ्तार किया है।
मेरठ : सेना में अग्निवीर बनने का सपना लेकर दिन-रात मेहनत करने वाले युवकों को मेडिकल फिटनेस और भर्ती परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठने के आरोप में मतपाल को गिरफ्तार किया गया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस मध्य कमान से मिले इनपुट के आधार पर मेरठ की एसपी सिटी स्वाट टीम और लालकुर्ती पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को मंगलवार देर रात तोपखाना पुलिस चौकी क्षेत्र से दबोच लिया।
आरोपी के कब्जे से तीन पीड़ित युवकों के मूल दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि भर्ती के नाम पर ठगी का यह खेल कितने समय से चल रहा था और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
सपनों को बनाया हथियार, तीन से पांच लाख रुपये तक सौदा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी मतपाल मूल रूप से अमरोहा जिले के सहदोली गांव का रहने वाला है। वह अपने पिता राम सिंह के साथ गांव में खेतीबाड़ी करता है। आरोप है कि वह सेना में भर्ती की तैयारी करने वाले युवकों को तलाशता था और फिर उन्हें सेना के अधिकारियो से अपने अच्छे सम्बन्ध बताकर अपने झांसे में लेता था। युवकों को मेडिकल फिटनेस और भर्ती परीक्षा में पास कराने का भरोसा देकर तीन से पांच लाख रुपये तक में सौदा तय करता था।
बताया जा रहा है कि आरोपी शुरुआत में प्रत्येक युवक से करीब एक लाख रुपये एडवांस लेता था। बाकी रकम भर्ती प्रक्रिया में आगे सफलता दिलाने के नाम पर बाद में लेने की बात करता था। इसी बहाने वह युवकों के मूल शैक्षिक और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लेता था। सेना में भर्ती होने की उम्मीद में युवक उस पर भरोसा कर बैठते थे, लेकिन बाद में उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
आठ दिन तक गांव में जुटाए इनपुट, फिर बिछाया गिरफ्तारी का जाल
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के अनुसार, मिलिट्री इंटेलिजेंस के एक अधिकारी ने उनसे संपर्क कर अग्निवीर भर्ती नाम पर अमरोहा के दो और मेरठ के एक युवक से ठगी करने वाले आरोपी मतपाल के संबंध में जानकारी साझा की थी। इसके बाद आरोपी मतपाल की गिरफ्तारी के लिए मिलिट्री इंटेलिजेंस, स्वाट टीम और लालकुर्ती पुलिस को संयुक्त रूप से लगाया गया। आरोपी मतपाल को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होने यें भी बताया गिरफ़्तारी के बाद आरोपी से अभी पूछताछ की जा रही है की इसके साथ और कितने लोग ठगी के काम में शामिल है और कितने लाख की ठगी अभी तक कर चूका है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़ित युवकों ने करीब दस दिन पहले तीनो युवकों ने अपने साथ ठगी का संदेह होने पर मेरठ स्थित मिलिट्री इंटेलिजेंस की मध्य कमान यूनिट से संपर्क किया और उन्होंने पूरे मामले की जानकारी देते हुए लिखित शिकायत भी दी। शिकायत मिलने के बाद इंटेलिजेंस टीम ने करीब आठ दिन तक अमरोहा स्थित आरोपी के गांव और उसके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय कर कार्रवाई की गई। तीन दिन की भागदौड़ के बाद आरोपी को तोपखाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी की खबर मिलते ही पत्नी के बैग लेकर जाने की चर्चा
इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद एक और घटनाक्रम चर्चा में है। गांव के सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी की सूचना परिवार तक पहुंचने के बाद आरोपी की पत्नी घर से एक बड़ा भरा हुआ बैग लेकर चली गई। इस बैग में ठगी की रकम, अन्य युवकों के मूल दस्तावेज या कथित फर्जी सैन्य दस्तावेज और मुहरें होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, बैग में क्या था और उसमें कोई आपत्तिजनक सामग्री थी या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में पुलिस की जांच के बाद ही पुष्टि हो पायेगी।
25-30 लाख के आसपास की ठगी का शक, अब नेटवर्क खंगाल रही टीमें
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी अब तक करीब दो दर्जन युवकों को निशाना बनाकर 25-30 लाख रुपये के आसपास की ठगी कर चुका होने के संदेह है। फिलहाल तीन युवकों के मूल दस्तावेज मिलने के बाद जांच एजेंसियां अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान करने में जुटी हैं। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी युवकों को अपने जाल में फंसाने के लिए किन लोगों का सहारा लेता था, क्या वह उन्हें किसी सैन्य क्षेत्र या भर्ती केंद्र के आसपास ले जाकर भरोसा दिलाता था और क्या उसके पास सेना से जुड़े किसी प्रकार के फर्जी दस्तावेज या मुहरें थीं। पुलिस यह भी जांच रही है कि आरोपी अकेले ही ठगी करता था या उसके साथ दूसरे लोग भी शामिल थे।

