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देवास में जहरीली शराब से मौत, प्रशासन के इनकार के बीच उज्जैन संभाग के कमिश्नर ने बनाई जांच टीम, 15 दिनों में आएगी रिपोर्ट

मध्य प्रदेश के देवास जिले में जहरीली शराब पीने से कथित रूप से कई लोगों की मौत हो गई है। लेकिन प्रशासन ने इन दावों से इनकार कर दिया है। वहीं, उज्जैन संभाग के कमिश्नर ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमिटी बना दी है। यह 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी।

हाइलाइट्स

देवास में जहरीली शराब से 15 से अधिक मौत के दावे
देवास जिला प्रशासन ने इन दावों को किया खारिज
उज्जैन संभाग के कमिश्नर ने जांच के लिए बनाई टीम
15 दिनों में जांच टीम सौंपेगी इस पूरे मामले की रिपोर्ट

देवास जिले में जहरीली शराब पीने से कम से कम 10 लोगों की मौत के दावों के बीच उज्जैन संभाग के आयुक्त ने इन मामलों की जांच के लिए पांच सदस्यीय दल गठित किया है। रविवार को यह टीम बनाई गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह दल 15 दिन में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।

उज्जैन एडीएम होंगे अध्यक्ष

अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन के अतिरिक्त जिलाधिकारी प्रथम कौशिक जांच दल के अध्यक्ष होंगे, जबकि मंदसौर जिले के एएसपी रामसनेही मिश्रा, रतलाम जिले के एसडीओपी लेखराज मीणा, उज्जैन के संभागीय उड़नदस्ते के उप आबकारी आयुक्त हर्षवर्धन राय और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्रीय संचालक डॉ. दीपक कुमार पिप्पल इसके सदस्य होंगे।

15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा

संभागायुक्त के आदेश के मुताबिक जांच दल मौतों के कारणों, परिस्थितियों और उनसे जुड़े तकनीकी एवं प्रशासनिक तथ्यों की विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच करके 15 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। ग्रामीणों का दावा है कि देवास जिले में 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच जहरीली शराब पीने से कम से कम 10 लोगों की मौत हुई।

जिला प्रशासन ने दावों को असत्य बताया

देवास जिला प्रशासन ने पहले इन दावों को असत्य और भ्रामक बताया था, लेकिन बाद में कहा कि दो मृतकों के विसरा के नमूने जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजे गए हैं। प्रशासन के मुताबिक रिपोर्ट आने के बाद ही इन मौतों की वजह स्पष्ट हो सकेगी।

जहरीली शराब से नहीं हुई है मौत

प्रशासन ने कहा था कि एक से 15 अक्टूबर के बीच चंदाना गांव में 10 लोगों की मौत हुई, लेकिन इनमें से किसी की भी मौत जहरीली शराब से नहीं हुई। इसके साथ ही दावा किया था कि चंदाना में हुई मौतें जहरीली शराब के कारण नहीं, बल्कि बढ़ती उम्र से जुड़ी समस्याओं, सामान्य बीमारियों, ‘ब्रेन हेमरेज’ और ‘शराब के अत्यधिक सेवन’ की लत से हुई हैं।

22 लोगों की हुई है मौत

कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया है कि चंदाना, बिंजाना और आसपास के इलाकों में पिछले एक महीने में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत हुई और कम से कम 40 लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित हुई। उन्होंने प्रशासन पर मौतों को छिपाने और शराब माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।

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