मुंबई अंडरवर्ल्ड में एक वक्त पर दाऊद इब्राहिम से टकराकर हिंदू डॉन के तौर पर जाने गए अरुण गवली ने गुरुवार को परेल में बप्पा के दर्शन किए। गैंगस्टर से राजनेता बने अरुण गवली के परेल लालबागचा राजा के दर्शन के लिए पहुंचे पर भीड़ उमड़ी।
हाइलाइट्स
अंडरवर्ल्ड डॉन रहे अरुण गवली ने किए लालबागचा राजा के दर्शन
परेल में अरुण गवली के पहुंचने पर लोगों के दिखी काफी उत्सुकता
अरुण गवली के घर से ज्यादा दूर नहीं है लालबागचा राजा का पंडाल
मुंबई: भारत के मोस्ट वांटेड भगोड़े दाऊद इब्राहिम से सीधी टक्कर लेने वाले अंडरवर्ल्ड डॉन अरुण गवली ने गुरुवार को लालबागचा राजा के दर्शन किए। अरुण गवली के लालबगचा राजा के दर्शन के लिए पहुंचने पर भारी भीड़ उमड़ी। कभी हिंदू डॉन के तौर पर जाने गए अरुण गवली ने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। गैंगस्टर से राजनेता का सफर पूरा करने वाले अरुण गवली की यह लंबे वक्त बाद सार्वजनिक उपस्थिति है। इससे पहले वह जनवरी में अपनी बेटियों के चुनाव प्रचार के लिए दिखे थे।
गणपति बप्पा से लिया आशीर्वाद
अंडरवर्ल्ड डॉन अरुण गवली ने कड़ी सुरक्षा के बीच गणपति उत्सव के दौरान बप्पा का आशीर्वाद लिया। गवली के आने पर भक्तों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जो उनकी एक झलक पाने के लिए पंडाल में इकट्ठा हुए थे। पूर्व गैंगस्टर अरुण गवली की मौजूदगी का पता चलने पर लोगों में उत्सुकता दिखी। बप्पा के भक्त कार्यक्रम स्थल के आसपास जमा हो गए। गवली लालबागचा राजा की विदाई से ठीक पहले जाकर दर्शन किए।
सितंबर में अरुण गवली हुए थे रिहा
अरुण गवली को सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद नागपुर सेंट्रल जेल से रिहा किया गया था। जनवरी 2026 में हुए बीएमसी चुनाव में उनकी दोनों बेटियों (गीता गवली और योगिता गवली) को हार का सामना करना पड़ा है। गीता गवली वार्ड संख्या 212 से चुनाव लड़ी थीं। उन्हें समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार अमरीन शहजाद अब्राहनी ने हराया था, जबकि योगिता गवली वार्ड संख्या 207 से चुनावी मैदान में उतरी थीं। योगिता को बीजेपी कैंडिडेट रोहिदास लोखंडे ने शिकस्त दी।
ज्यादा दूर नहीं है लालबागचा राजा का पंडाल
परेल के लालबागचा राजा से गैंगस्टर अरुण गवली के गढ़ यानी दगड़ी चाल (बायकुला और चिंचपोकली एरिया) की सड़क मार्ग से दूरी लगभग 1.5 से 2.5 किलोमीटर है। लालबागचा राजा में अरुण गवली की मजबूत श्रद्धा रही है। अरुण गवली की उम्र वर्तमान में लगभग 71 साला है। अरुण गवली का दाऊद इब्राहिम से टकराव मुख्य रूप से 1980 के दशक के उत्तरार्ध और 1990 के दशक के शुरुआती दौर में हुआ था।

