Homeभारतमध्यप्रदेश5 मुख्यमंत्री बदले, पर किस्मत नहीं, भोपाल में उच्च शिक्षा मंत्री के...

5 मुख्यमंत्री बदले, पर किस्मत नहीं, भोपाल में उच्च शिक्षा मंत्री के घर पर 200 अतिथि शिक्षकों का हंगामा, रातभर वहीं डटे रहे

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नौकरी की सुरक्षा और ‘फालन-आउट’ नियम के विरोध में करीब 200 अतिथि विद्वानों ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के आवास का घेराव कर दिया है। सरकार के आश्वासनों से असंतुष्ट ये शिक्षक मंत्री के बंगले के बाहर ही रातभर डटे रहे।

भोपाल: मध्य प्रदेश में अतिथि विद्वानों का गुस्सा अब सड़क पर उतर आया है और आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है। मंगलवार को करीब 200 गेस्ट टीचर्स ने अपनी लंबित मांगों को लेकर भोपाल में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के सरकारी आवास का घेराव कर दिया। राज्य सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों से पूरी तरह असंतुष्ट इन शिक्षकों ने मंत्री के बंगले के बाहर ही डेरा डाल दिया और पूरी रात वहीं बिताई। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी नौकरी की सुरक्षा और विवादित ‘फालन-आउट’ व्यवस्था को समाप्त करने की मांग पूरी नहीं होती, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।

‘फालन-आउट’ नियम बना जी का जंजाल

इस पूरे असंतोष के केंद्र में उच्च शिक्षा विभाग का वह नियम है जिसे ‘फालन-आउट’ कहा जाता है। मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत, जब भी मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से किसी नियमित प्रोफेसर की नियुक्ति होती है या किसी कॉलेज में नियमित शिक्षक का ट्रांसफर किया जाता है, तो वहां पहले से पढ़ा रहा गेस्ट फैकल्टी तुरंत सेवा से मुक्त कर दिया जाता है। उसे ‘फालन-आउट’ घोषित कर दिया जाता है।

हजारों ऐसे गेस्ट टीचर्स हैं जो पिछले 10 से 20 सालों से सरकारी कॉलेजों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से अधिकांश की उम्र अब 40 से 55 वर्ष के बीच है। शिक्षकों का तर्क है कि बार-बार की इस विस्थापन प्रक्रिया ने उन्हें अन्य सीधी भर्तियों में हिस्सा लेने के अवसर से भी वंचित कर दिया है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है।

MPPSC की नई भर्तियों से भड़की आग

हमने सालों तक इंतजार किया है। पांच मुख्यमंत्री आए और गए, लेकिन हमारी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस बार हम पीछे नहीं हटेंगे और जब तक लिखित में आदेश नहीं मिलता, यहीं डटे रहेंगे।

अतिथि विद्वान समन्वय समिति के प्रतिनिधि

हालिया विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह MPPSC द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए नए सिरे से नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव है। गेस्ट स्कॉलर्स का मानना है कि यदि सुरक्षात्मक नीति बनाए बिना इन नियुक्तियों को आगे बढ़ाया गया, तो सैकड़ों प्रोफेसर अचानक बेरोजगार हो जाएंगे। मंत्री परमार के आवास के बाहर मीडिया से बात करते हुए समन्वय समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी झूठे आश्वासन पर भरोसा नहीं करेंगे।

मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लगभग 200 गेस्ट टीचर्स और अतिथि विद्वान।
भोपाल में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के आवास के बाहर धरने पर बैठे।
नौकरी की सुरक्षा और विवादित ‘फालन-आउट’ नियम को तुरंत खत्म करने पर अड़े।
MPPSC द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसरों की नई नियुक्तियों का प्रस्ताव और नियमित शिक्षकों के आने पर गेस्ट टीचर्स का हटाया जाने का विरोध।
फिलहाल प्रदर्शनकारी शिक्षक मंत्री के बंगले के बाहर डटे हुए हैं और लिखित आश्वासन पर अड़े हैं।

आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले सरकार पर बढ़ा दबाव

इस विरोध प्रदर्शन ने आगामी शैक्षणिक सत्र से ठीक पहले राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जिलों के गेस्ट फैकल्टी ने इस आंदोलन के समर्थन में एकजुटता दिखाई है। मंगलवार रात से ही शिक्षक मंत्री के बंगले के बाहर डटे हुए हैं और एक निर्णायक और ठोस सरकारी प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल विरोध के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments