अहमदाबाद/धोलेरा। जिले के धोलेरा इलाके में केमिकल युक्त दूषित पानी, जमीनों की खराबी और भू-माफियाओं के खिलाफ पिछले काफी समय से स्थानीय ग्रामीणों और किसानों का उग्र आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन के बीच कैबिनेट मंत्री अर्जुन मोढवाडिया का काफिला धोलेरा के सरोदा इलाके से गुजर रहा था, तभी गुस्से में आए आंदोलनकारियों ने उनकी गाड़ी रोककर भारी विरोध प्रदर्शन किया।
सड़क पर बैठ गए लोग, नारेबाजी से गूंज उठा इलाका
धोलेरा और आसपास के गांवों में केमिकल युक्त पानी खेतों में भर जाने और जमीनें बर्बाद होने के कारण ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्से में हैं। अर्जुन मोढवाडिया का काफिला आते ही महिलाएं और किसान सड़क पर आ गए और गाड़ी को घेर लिया। लोगों ने ‘हमारे हक की बात करो’ और ‘प्रदूषण बंद करो’ के नारे लगाकर माहौल गरमा दिया।
गाड़ी रुकने के बाद क्या हुआ?
आंदोलनकारियों का उग्र रूप देखकर अर्जुन मोढवाडिया और उनके सुरक्षाकर्मी सतर्क हो गए। स्थिति बिगड़ती देख मंत्री अर्जुन मोढवाडिया को गाड़ी से बाहर आना पड़ा। उन्होंने आक्रोशित किसानों और ग्रामीणों की बात शांति से सुनी। स्थानीय लोगों ने सीधा आरोप लगाया कि कंपनियों द्वारा छोड़े जा रहे केमिकल वाले पानी से जमीनें और पीने का पानी बर्बाद हो रहा है, फिर भी सरकारी तंत्र कोई सख्त कदम नहीं उठा रहा है।
मंत्री ने आश्वासन दिया, लेकिन लोग अड़े रहे
अर्जुन मोढवाडिया ने लोगों को भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे पर संबंधित विभाग और कलेक्टर से सीधी बात करके तुरंत समाधान निकालेंगे। हालांकि, अतीत में मिले अनगिनत झूठे आश्वासनों से तंग आ चुके ग्रामीणों ने साफ कह दिया कि अगर अब कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर काम नहीं दिखा तो आंदोलन और उग्र होगा। बीजेपी के बड़े नेता और कैबिनेट मंत्री को घेरे जाने की खबर फैलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक तंत्र के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इस घटना ने साबित कर दिया है कि धोलेरा इलाके में जमीन और प्रदूषण का मुद्दा अब सिर्फ एक स्थानीय विरोध नहीं रहा, बल्कि एक बड़ा सामाजिक विस्फोट बन चुका है।

