डभोई शहर और तालुका कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जानलेवा आरोप लगाया है कि महात्मा गांधी के पवित्र और आदर्श गुजरात में शराब बैन सिर्फ़ कागज़ों तक ही सीमित रह गया है। राज्य में खुलेआम चल रहे शराब के गैर-कानूनी काले धंधे और बार-बार लिंचिंग की बहुत गंभीर घटनाओं ने लोगों की जान खतरे में डाल दी है। इन जनविरोधी नीतियों और सिस्टम की नाकामी के खिलाफ 25 अगस्त को डभोई के ऐतिहासिक टावर चौक पर कांग्रेस की तरफ से एक बड़ा और तीखा विरोध प्रदर्शन किया गया।
डभोई टावर चौक पर हुई इस विरोध रैली में तालुका प्रेसिडेंट सुधीरभाई बारोट, शहर प्रेसिडेंट सतीशभाई रावल, म्युनिसिपैलिटी अपोज़िशन लीडर या लीडर पुष्पाबेन रावल, अफ़ज़लभाई कबावाला और सिद्दीकभाई वानियावाला के साथ-साथ म्युनिसिपैलिटी और तालुका पंचायत के चुने हुए नुमाइंदे और बड़ी संख्या में कांग्रेस वर्कर इकट्ठा हुए थे। मौजूद सभी नेता और कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और BJP सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार और आक्रामक नारे लगाए, जिससे पूरा माहौल गूंज उठा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आवाज उठाई कि गांधी के गुजरात में गैर-कानूनी शराब की बिक्री सिस्टम की गुप्त मदद के बिना नामुमकिन है।
लोगों की कीमती जान के साथ खेले जा रहे इस खतरनाक खेल की जिम्मेदारी सबसे ऊंचे लेवल पर तय होनी चाहिए। इस मंच से एक चौंकाने वाली मांग यह भी की गई कि गुजरात के गृह मंत्री, जो कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुधारने और शराबबंदी लागू करने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं, उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। डभोई शहर और तालुका कांग्रेस कमेटी ने इस मौके पर अपना साफ और पक्का इरादा दोहराया कि कांग्रेस का हर सिपाही अपनी आखिरी सांस तक लोगों के हक और सुविधाओं के लिए लड़ेगा। कांग्रेस शासकों द्वारा किए गए हर अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने में कभी नहीं हिचकिचाएगी। इस धरना प्रदर्शन ने लोकल पॉलिटिक्स को गरमा दिया है और भविष्य में सत्ताधारी पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

