पुलिस माल सप्लाई करने वाले उत्तरसंडा के कमलेश परमार को पकड़ने की कोशिश कर रही है। खेड़ा-आनंद जिले के क्रिमिनल धंधे में सनसनी फैलाने वाली एक ज़रूरी खबर सामने आई है। गुजरात में शराबबंदी कानून को तोड़कर खुलेआम गैर-कानूनी शराब का धंधा करने वाले लोगों पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने वडताल इलाके के जाने-माने और बदनाम बूटलेगर धर्मेंद्र उर्फ ’चकमामा’ की बड़ी मात्रा में विदेशी शराब ज़ब्त कर ली है और माल ज़ब्त कर लिया है। इससे शराब का नेटवर्क चलाने वाले क्रिमिनल्स में भारी खलबली मच गई है। पुलिस की शुरुआती जांच और चौंकाने वाले खुलासे से पता चला है कि ज़ब्त की गई विदेशी शराब उत्तरसंडा के क्रिश्चियन मोहल्ले में रहने वाले बूटलेगर कमलेश परमार सप्लाई कर रहा था।
जैसे ही पता चला कि कमलेश परमार वडताल में शराब के नेटवर्क का मेन मास्टरमाइंड है, पुलिस ने उसे पकड़ने की पूरी कोशिश शुरू कर दी है और अलग-अलग टीमें बनाकर रेड तेज़ कर दी हैं। यह इस बात का जीता-जागता सबूत है कि महात्मा गांधी के गुजरात में गैर-कानूनी विदेशी शराब का काला धंधा कैसे फैल रहा है। वडताल और आस-पास के इलाकों में शराब का नेटवर्क चलाने वाले इन बूटलेगरों के खिलाफ पुलिस की इस जानलेवा कार्रवाई से लोकल लेवल पर क्रिमिनल एक्टिविटी में शामिल लोगों के रोंगटे खड़े हो गए हैं। पुलिस सिस्टम ने साफ चेतावनी दी है कि इस काले शराब के धंधे में शामिल किसी भी छोटे या बड़े बॉस को बख्शा नहीं जाएगा। लोकल रहने वाले और जागरूक नागरिक मांग कर रहे हैं कि वडताल और उत्तरसंडा जैसे इलाकों को शराब-मुक्त बनाने के लिए ऐसे सभी बूटलेगरों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और डिसिप्लिनरी एक्शन लिया जाए। फिलहाल, पुलिस ने मेन सप्लायर कमलेश परमार को गिरफ्तार करने के लिए संभावित जगहों पर रेड शुरू कर दी है, और इस बात की बहुत ज़्यादा संभावना है कि इस क्रिमिनल सिंडिकेट के दूसरे सदस्य भी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।

