सात साल बाद तबादला हुआ तो फिर एक महीने में अंबाजी थाने में वापसी की चर्चा, पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
अंबाजी। अंबाजी पुलिस थाने में लंबे समय से कार्यरत पुलिसकर्मी जयेश जोशी की तैनाती और तबादले को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। पुलिस विभाग में एक ही स्थान पर लंबे समय तक ड्यूटी कर चुके कर्मचारियों के तबादले किए जाते हैं, लेकिन जयेश जोशी के मामले में अलग स्थिति होने की चर्चा है। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वे कई वर्षों से अंबाजी में ही कार्यरत हैं।
स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, जयेश जोशी का अंबाजी से किसी अन्य तालुका में तबादला किया गया था। हालांकि, कथित तौर पर एक महीने के भीतर ही उन्हें दोबारा अंबाजी पुलिस थाने में तैनाती मिलने की बात सामने आई है। इसे लेकर सवाल उठ रहा है कि यदि तबादला आदेश जारी हुआ था तो उसे बदलकर दोबारा अंबाजी में नियुक्ति देने के पीछे प्रशासनिक कारण क्या था।
लोगों का सवाल है कि जब पुलिस विभाग में कर्मचारियों की निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले भी तबादले किए जाते हैं, तो जयेश जोशी के मामले में अलग मापदंड क्यों अपनाया गया। अंबाजी जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील पुलिस थाने में किसी कर्मचारी को लंबे समय तक एक ही स्थान पर रखने का कारण भी स्पष्ट किए जाने की मांग उठ रही है।
मामले में यह भी सवाल उठ रहा है कि पूर्व तबादला रद्द कर दोबारा अंबाजी में नियुक्ति किस अधिकारी के आदेश पर और किन प्रशासनिक कारणों से की गई। स्थानीय स्तर पर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों और चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब निगाहें बनासकांठा जिला पुलिस प्रशासन पर हैं कि वह मामले में स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं।

