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जिस क्लीनिक में करती थीं मरीजों का इलाज, वहीं मिला शव… डॉक्टर खुशहाली की कहानी में अब तक क्या-क्या हुआ?

उत्तरप्रदेश के मेरठ एक कमरा था. बाहर क्लीनिक का बोर्ड लगा था. इसी जगह पर लोग इलाज के लिए आते थे. डॉक्टर खुशहाली मरीजों का इलाज करती थीं और अपनी जिंदगी का नया चैप्टर लिख रही थीं. लेकिन एक दिन इसी क्लीनिक का दरवाजा खुला तो अंदर का मंजर बिल्कुल अलग था. खुशाली का शव फंदे से लटका मिला.

जिस जगह पर कभी मरीज अपनी बीमारी लेकर पहुंचते थे, वहां एक दिन पुलिस पहुंची. ये वही क्लीनिक था, जिसे डॉक्टर खुशहाली ने अपनी नई जिंदगी और करियर के तौर पर शुरू किया था. लेकिन रविवार को इसी क्लीनिक के अंदर उनका शव फंदे से लटका मिला. दरवाजा भीतर से बंद था. पहली नजर में पुलिस ने मामले को सुसाइड बताया. वहीं मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर अतिरिक्त दहेज की मांग और बेटी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया.

इस मामले में 16 अगस्त को तहरीर दी गई, मुकदमा दर्ज हुआ और अब पुलिस ने खुशहाली के पति मयंक चौधरी और ससुर हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. सवाल है कि आखिर उस क्लीनिक के अंदर क्या हुआ था? यह मामला मेरठ के पल्लवपुरम थाना क्षेत्र का है. रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि इलाके में स्थित एक क्लीनिक में महिला डॉक्टर का शव फंदे से लटका हुआ है.

दहेज की बाइक वापस दे! थाने के बाहर पति-पत्नी में मारपीट और ड्रामा

पुलिस मौके पर पहुंची तो क्लीनिक का दरवाजा भीतर से लॉक था. इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया. हालांकि, मृतका के मायके पक्ष ने इसे लेकर गंभीर सवाल खड़े किए और ससुराल वालों पर दहेज को लेकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया.

खुशहाली की शादी 14 जनवरी 2026 को मयंक चौधरी से हुई थी. परिवार की ओर से बताया गया कि शादी में उन्होंने अपनी सामर्थ्य के मुताबिक दान-दहेज दिया था. मायके वालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग की जाने लगी. उनका दावा है कि खुशहाली को इसके लिए शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया जाता था.

परिवार का आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर ही खुशहाली की हत्या कर दी गई. हालांकि, इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है. पुलिस की शुरुआती जांच में मौत को आत्महत्या बताया गया है. खुशहाली पहले BSF में कॉन्स्टेबल के पद पर थीं. इसके बाद उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा की पढ़ाई और प्रैक्टिस की दिशा में कदम बढ़ाया. हाल ही में उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा की प्रैक्टिस पूरी की थी.

8 महीने पहले शुरू किया था क्लीनिक

करीब आठ महीने पहले ही उन्होंने पल्लवपुरम में अपने मायके के पास आयुर्वेद क्लीनिक शुरू किया था. यानी जिस समय वह अपनी पेशेवर जिंदगी को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही थीं, उसी दौरान उनकी शादी भी हुई. शादी के करीब सात महीने बाद उनकी मौत हो गई. उनकी मौत उसी क्लीनिक में हुई, जहां से उन्होंने अपने करियर की नई शुरुआत की थी.

खुशहाली के मायके पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर 16 अगस्त को पल्लवपुरम थाने में तहरीर दी गई. इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान कार्रवाई करते हुए आरोपी पति मयंक चौधरी और उसके पिता हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों को लावड़ रोड स्थित ललसाना चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया. अब पुलिस इस मामले में सामने आए आरोपों और घटनाक्रम की जांच कर रही है. पति और ससुर की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच आगे बढ़ गई है. पुलिस मायके पक्ष के आरोपों, घटनास्थल की परिस्थितियों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत सभी पहलुओं को जोड़कर देख रही है.

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