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संवेदनशीलता और अनुशासन का मौन संगम : डॉ. जितेंद्र अग्रवाल (IPS), DCP जोन-5, अहमदाबाद शहर

डॉक्टर से IPS, UPSC में देश में 128वीं रैंक हासिल की : संवेदनशील पुलिसिंग और सख्त कानून व्यवस्था से अहमदाबाद के जोन-5 में शांति और सुरक्षा का नया अध्याय!

अहमदाबाद: आम तौर पर जब पुलिस विभाग का नाम लिया जाता है तो मन में सख्त अनुशासन, अपराधियों में डर और कानून की सख्त कार्रवाई की छवि उभरती है। लेकिन जब एक बेहतरीन डॉक्टर (MD डॉक्टर) अपना स्टेथोस्कोप एक तरफ रखकर अशोक स्तंभ को कंधे पर धारण करता है तो समाज को सिर्फ एक IPS अधिकारी ही नहीं मिलता, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता और कानूनी अनुशासन का अद्भुत संगम भी देखने को मिलता है। अहमदाबाद शहर के DCP जोन-5 डॉ. जितेंद्र अग्रवाल (IPS) ऐसी ही एक शख्सियत हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल में अहमदाबाद पुलिस का नाम रोशन किया है। जामनगर के शाह मेडिकल कॉलेज से एम.डी. और फिर फार्माकोलॉजी में MD किया। एक सफल डॉक्टर होने के बावजूद, उनका लक्ष्य समाज के पिछड़े लोगों की बड़े पैमाने पर मदद करना और कानून के राज को मजबूत करना था।

अपने पक्के इरादे और कड़ी मेहनत से, उन्होंने बिना किसी बड़ी कोचिंग क्लास के UPSC जैसे देश के सबसे मुश्किल एग्जाम में 128वीं रैंक (AIR 128) हासिल की और 2020 कैडर के IPS ऑफिसर के तौर पर चार्ज संभाला।

ज़ोन-5 अहमदाबाद में कानून-व्यवस्था की मजबूत कमान

अहमदाबाद का ज़ोन-5 इलाका आबादी और क्राइम के लिहाज से बहुत सेंसिटिव और अहम माना जाता है। DCP का चार्ज संभालने के बाद, डॉ. जितेंद्र अग्रवाल ने ज़ोन-5 में क्राइम रोकने के लिए एक खास स्ट्रेटेजी लागू की है:

अपराधियों और गुंडों पर नकेल: उन्होंने असामाजिक तत्वों, गुंडों और बदमाशों के खिलाफ PASA और कानूनी सज़ा को कड़ा करके अपराधियों में डर का माहौल बनाया है।

नशीले पदार्थों और गैर-कानूनी कामों को रोकना: ज़ोन-5 पुलिस ने ड्रग्स के धंधे के खिलाफ कई सफल ऑपरेशन किए हैं, जो युवाओं को बर्बाद कर रहा है। महिलाओं और सीनियर सिटिजन की सुरक्षा: ज़ोन-5 के हर पुलिस स्टेशन में ऐसा माहौल बनाया गया है कि महिलाएं और बुजुर्ग अपनी शिकायतें बिना डरे दर्ज करा सकें।

पुलिस का इंसानियत भरा नज़रिया: ‘दान पुन केंद्र’ की प्रेरणा देने वाली पहल

डॉ. जितेंद्र अग्रवाल सिर्फ़ कानून का डंडा चलाने वाले एक अफ़सर नहीं हैं, बल्कि उनमें एक डॉक्टर जैसी समझ ज़िंदा है।

उनकी प्रेरणा से अहमदाबाद के खोखरा में ‘I’ डिवीज़न ACP ऑफ़िस में एक ‘डोनेशन सेंटर’ शुरू किया गया है। इस सेंटर का मुख्य मकसद अमीर लोगों से फालतू कपड़े, जूते, खिलौने या दूसरी चीज़ें इकट्ठा करके गरीब और ज़रूरतमंद लोगों में मुफ़्त में बांटना है। उन्होंने इस इंसानियत भरे काम से एक बेहतरीन उदाहरण दिया है कि ‘पुलिस दोस्त और रक्षक भी है’।

जनता से जुड़े एक अफ़सर और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत

डॉ. जितेंद्र अग्रवाल के काम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे आम नागरिक के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं। उनकी पहली प्राथमिकता यह है कि पुलिस थानों में अप्लाई करने वालों के साथ सम्मान से पेश आया जाए और हर नागरिक को जल्दी न्याय मिले।

उनका यह सफर गुजरात के लाखों युवाओं और कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए एक प्रेरणा है कि अगर मन में पक्का इरादा और ईमानदारी हो तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है। अहमदाबाद जोन-5 का नाम डॉ. जितेंद्र अग्रवाल के नाम पर रखा गया है। जितेंद्र अग्रवाल जैसे काबिल, पढ़े-लिखे और संवेदनशील IPS ऑफिसर की मौजूदगी ने पूरे इलाके में सुरक्षा और शांति के माहौल को और मजबूत किया है।

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