सिर्फ़ 2 साल में खराब सड़कों में 12 गुना बढ़ोतरी: करोड़ों की लागत से बने नए मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर गड्ढों का राज, RCC सड़कों पर डामर के ढेर, नितिन गडकरी के “डेवलपमेंट” के दावे उनके ही खिलाफ हो गए!
अहमदाबाद/गांधीनगर: इस मॉनसून ने सरकार के उन खोखले वादों की पोल खोल दी है, जिसमें “सुपर फास्ट स्पीड” और “रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने” के बड़े-बड़े दावे किए गए थे। करोड़ों रुपये टोल टैक्स वसूलने के बाद भी गाड़ी चलाने वालों को सिर्फ़ गड्ढे, ट्रैफिक और कमर दर्द का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों की स्टैटिस्टिकल रिपोर्ट के मुताबिक, खराब और डैमेज्ड नेशनल हाईवे की लंबाई के मामले में गुजरात पूरे देश में पहले नंबर पर आ गया है।
स्टैटिस्टिक्स से भ्रष्टाचार का पता चलता है
अभी, गुजरात में 408 km नेशनल हाईवे बहुत खराब और खराब हालत में हैं, जो देश भर के सभी राज्यों में सबसे ज़्यादा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ़ 2 साल में खराब सड़कों की लंबाई 12 गुना बढ़ गई है। जनता अब अच्छी तरह समझ रही है कि करोड़ों रुपये का बजट और ग्रांट आखिर किस “गड्ढे” में जा रहा है।
मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर गड्ढों का साम्राज्य और ढेरों का राज
वर्ल्ड-क्लास एक्सप्रेसवे का सपना लेकर शुरू हुआ मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे अभी पूरी तरह चालू भी नहीं हुआ है, और वडोदरा से सूरत के बीच सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। करोड़ों की लागत से बनी RCC (सीमेंट-कंक्रीट) सड़क पर डामर का ढेर लगाकर गड्ढों को भरने का मज़ेदार और घटिया खेल चल रहा है। हमेशा बेहतरीन सड़क नेटवर्क का दावा करने वाले केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मामूली बारिश में ही इस मॉडल की कमियों को उजागर कर दिया है।
जनता के करोड़ों रुपये पानी में हैं या ठेकेदारों की जेब में?
रोज़ाना वसूले जा रहे आधे-अधूरे टोल टैक्स के बावजूद, गाड़ी चलाने वाले अपनी जान जोखिम में डालकर गाड़ी चलाने को मजबूर हैं। क्या करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार की वजह से ही ये सड़कें बारिश में बह जाती हैं? RCC सड़कों पर डामर से भरे ये गड्ढे कितने दिन टिकेंगे? क्या घटिया काम करने वाले भ्रष्ट ठेकेदारों और अधिकारियों पर कभी बुलडोजर चलेगा या सिर्फ कागजों पर नोटिस देकर मामला निपटा दिया जाएगा? स्थानीय वाहन चालक और जागरूक नागरिक अब गुस्से में सवाल उठा रहे हैं कि अगर टैक्स पूरा वसूला जा रहा है, तो सुविधा के नाम पर यह गड्ढों का राज क्यों? अगर प्रशासन ने इस स्टैंडर्ड नेशनल हाईवे को तुरंत ठीक नहीं किया, तो टोल प्लाजा पर जनता का गुस्सा फूटना तय है।

