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छत्तीसगढ़ में धर्म बदलने से 60 दिन पहले देना होगा नोटिस; पादरी-मौलवियों के लिए भी सख्त हुए नियम, नया कानून लागू

छत्तीसगढ़ में अवैध धर्मांतरण रोकने के लिए धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026 लागू हो गया है। अब धर्म बदलने से 60 दिन पहले जिला प्रशासन को लिखित सूचना देनी होगी, नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

रायपुर: अवैध धर्मांतरण पर नकेल कसने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब किसी भी व्यक्ति को धर्म परिवर्तन करने से कम से कम 60 दिन पहले जिला प्रशासन को इसकी जानकारी देनी होगी। सरकार ने आधिकारिक तौर पर ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2026’ की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके साथ ही इस कड़े कानून को जमीन पर लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।

कानून सिर्फ कागजों पर नहीं

प्रशासन का साफ कहना है कि यह कानून अब सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अवैध धर्मांतरण में शामिल पाए जाने वालों पर बिना किसी ढिलाई के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्राउंड पर इसकी मॉनिटरिंग तेज कर दी गई है ताकि नियमों की आड़ में होने वाली गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके।

पंडित, पादरी और मौलवी के लिए भी नए नियम

इस नए कानून के दायरे में सिर्फ धर्म बदलने वाला व्यक्ति ही नहीं, बल्कि धार्मिक अनुष्ठान या समारोह कराने वाले पुरोहित भी आएंगे। शादी या अन्य माध्यमों से धर्म परिवर्तन कराने वाले पंडित, पादरी, मौलवी या किसी भी अन्य धार्मिक पदाधिकारी को भी इस प्रक्रिया की पूर्व सूचना प्रशासन को देनी होगी। तय प्रक्रिया का पालन न करने पर इन पर भी कानूनी शिकंजा कस सकता है।

शादी की नीयत पर उठेगी सीधी नजर

खास तौर पर शादियों से जुड़े धर्मांतरण के मामलों में यह कानून बेहद सख्त रुख अपनाता है। अगर कोई विवाह सिर्फ और सिर्फ धर्म परिवर्तन के मकसद से कराया गया है, तो ऐसे मामलों में उन शादियों को कानूनन शून्य (रद्द) घोषित किया जा सकता है। इसके अलावा, राज्य में धर्मांतरण के मामलों में सक्रिय संगठनों की भूमिका और मिलने वाली विदेशी फंडिंग की भी गहराई से छानबीन की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में धर्म बदलने से पहले जिला प्रशासन को 60 दिन पहले देना होगा अनिवार्य नोटिस
राज्य में ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2026’ आधिकारिक रूप से हुआ लागू
धर्म परिवर्तन कराने वाले पंडित, पादरी या मौलवी को भी पहले से देनी होगी पूरी सूचना
सिर्फ धर्मांतरण के लिए की गई शादियों को कानून के तहत घोषित किया जा सकेगा शून्य

यह अधिनियम अब सिर्फ कागज पर नहीं है: अवैध धार्मिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। विजय शर्मा, गृह मंत्री, छत्तीसगढ़

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