मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में एक निजी स्कूल के शिक्षक ने जान दे दी है। साथ ही व्हाट्सएपग्रुप में एक मैसेज भी भेजा है। गांव के कुछ लोग टीचर को बदनाम कर रहे थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
हाइलाइट्स
शाजापुर में प्राइवेट स्कूल के टीचर ने दी जान
इंदौर-कोटा एक्सप्रेस से कटा शिक्षक
मौत से पहले ग्रुप में भेजा मैसेज
गांव के लोग फैला रहे हैं झूठी अफवाहें
शाजापुर : मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। मक्सी थाना क्षेत्र के सिरोलिया गांव में एक निजी स्कूल के शिक्षक ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी है। इस कदम को उठाने से पहले मृतक शिक्षक ने एक स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप पर संदेश लिखकर अपनी पीड़ा बयां की और कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।
सिरोलिया रेलवे स्टेशन के पास की घटना
यह पूरी घटना सिरोलिया रेलवे स्टेशन के पास हुई । मृतक की पहचान सिरोलिया निवासी 38 वर्षीय सतीश जोशी पिता मणीशंकर जोशी के रूप में हुई है। सतीश गांव से करीब छह किलोमीटर दूर साजोद गांव के एक निजी स्कूल में शिक्षक थे और अपनी मेहनत के बल पर बच्चों को पढ़ाते थे। वह रोजाना पैदल ही स्कूल आया-जाया करते थे। सोमवार शाम जब वह लौट रहे थे, तभी इंदौर-कोटा ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। शाजापुर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया आत्महत्या करने से ठीक पहले सतीश जोशी ने एक व्हाट्सएप ग्रुप पर संदेश साझा किया था। इस संदेश में उन्होंने खुलासा किया कि गांव के कुछ लोग उनके बारे में लगातार गलत और झूठी अफवाहें फैला रहे थे, जिससे वे पिछले दो महीनों से मानसिक तनाव और प्रताड़ना का शिकार थे।
गांव के लोगों पर आरोप
आत्महत्या से पहले मृतक शिक्षक सतीश जोशी ने व्हाट्सएप पर एक मैसेज किया, जिसमें गांव के दीपक (कालु) पाटीदार पर मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया। प्रशासन से उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने अपने सभी मित्रों और परिचितों को अंतिम प्रणाम करते हुए लिखा कि यदि जाने-अनजाने उनसे किसी को कोई ठेस पहुंची हो तो वे उन्हें क्षमा कर दें।
नहीं हुई थी शादी
मामले में मृतक के भाई राहुल जोशी ने बताया कि सतीश अविवाहित थे। इसी बात को लेकर गांव के कुछ लोग उन्हें अक्सर परेशान करते थे और उनके खिलाफ अनर्गल बातें फैलाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। लगातार मिल रहे मानसिक तनाव के कारण वह अंदर से पूरी तरह टूट चुके थे। मक्सी थाना प्रभारी मदन इवने ने मामले की पुष्टि की

