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‘घर के झगड़े घर में ही बड़े-बुजुर्गों के साथ सुलझाइए…’ लोगों को CM योगी ने दी यह खास सलाह

लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरियादियों की समस्याएं सुनने के साथ पारिवारिक विवाद लेकर पहुंचे लोगों की काउंसिलिंग भी की. उन्होंने कहा कि घर के झगड़े बड़े-बुजुर्गों के साथ बैठकर सुलझाने चाहिए और निजी मामलों में बाहरी लोगों को शामिल नहीं करना चाहिए. मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को पदक जीतने पर सरकारी नौकरी में प्राथमिकता का भरोसा दिलाया और बच्चों को चॉकलेट देकर मन लगाकर पढ़ाई करने की सीख दी.

लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक-एक फरियादी से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए. इस दौरान पारिवारिक विवाद लेकर पहुंचे लोगों की उन्होंने काउंसिलिंग भी की. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि घर के झगड़े घर के बड़े-बुजुर्गों के साथ बैठकर सुलझाने चाहिए, क्योंकि ऐसे विवादों का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है.

बड़े-बुजुर्गों के साथ बैठकर सुलझाएं विवाद

जनता दर्शन में कई ऐसे मामले भी पहुंचे, जिनका संबंध पारिवारिक विवाद से था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन मामलों को गंभीरता से सुना और शिकायत लेकर पहुंचे लोगों से विस्तार से बातचीत की. उन्होंने कहा कि परिवार के भीतर होने वाले विवादों को बाहर तक ले जाना कई बार स्थिति को और जटिल बना देता है. मुख्यमंत्री ने लोगों को सलाह दी कि ऐसे मामलों में परिवार के बड़े-बुजुर्गों को साथ बैठाकर समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि निजी मामलों में बाहरी लोगों की दखलंदाजी से बचना चाहिए, क्योंकि इससे रिश्तों में दूरियां बढ़ सकती हैं. मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि पारिवारिक विवाद केवल पति-पत्नी या परिजनों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनका सबसे गहरा असर घर के बच्चों पर पड़ता है. ऐसे माहौल में बच्चों का मानसिक विकास और पढ़ाई भी प्रभावित हो सकती है. इसलिए परिवार के लोगों को धैर्य और संवाद के जरिए समाधान तलाशना चाहिए.

जनता दर्शन में बड़ी संख्या में राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतें भी पहुंचीं. मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से पूछा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कब शिकायत दी थी और अब तक क्या कार्रवाई हुई. जहां मामलों में अनावश्यक देरी की बात सामने आई, वहां मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई. उन्होंने स्पष्ट कहा कि समयसीमा के भीतर शिकायतों का निस्तारण होना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.

खिलाड़ियों को दिया बड़ा संदेश

जनता दर्शन में कई खिलाड़ी भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे. मुख्यमंत्री ने उनसे उनकी तैयारी, प्रतियोगिताओं और उपलब्धियों के बारे में जानकारी ली. जब कुछ खिलाड़ियों ने बताया कि वे अभी तक बड़ा पदक नहीं जीत सके हैं, तो मुख्यमंत्री ने उनका उत्साह बढ़ाया. उन्होंने कहा कि मेहनत और लगन से तैयारी करें. उत्तर प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को लगातार नौकरी के अवसर दे रही है. उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे, उन्हें पुरस्कार राशि के साथ सरकारी नौकरी में भी प्राथमिकता मिलेगी. उन्होंने खिलाड़ियों को संदेश दिया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और उसके लिए लगातार मेहनत करनी पड़ती है.

बच्चों को दी चॉकलेट, पढ़ाई की सीख भी

जनता दर्शन में कई लोग अपने बच्चों के साथ भी पहुंचे थे. मुख्यमंत्री ने बच्चों से उनका नाम और कक्षा पूछी. उनसे बातचीत की और उन्हें चॉकलेट भी दी. मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि मन लगाकर पढ़ाई करें, अपने माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करें और जीवन में आगे बढ़कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करें. बच्चों से सहज बातचीत के दौरान माहौल भी काफी आत्मीय दिखाई दिया. जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी फरियादियों से एक-एक कर मुलाकात की. उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं, प्रार्थना पत्र लिए और भरोसा दिलाया कि संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे. जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई की जरूरत थी, वहां अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया.

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. जनता दर्शन के दौरान एक ओर जहां मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक मामलों में सख्ती दिखाई, वहीं पारिवारिक विवाद लेकर आए लोगों को संवाद और समझदारी का रास्ता अपनाने की सलाह दी. खिलाड़ियों को मेहनत का संदेश दिया और बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया. इस तरह जनता दर्शन शिकायतों के निस्तारण के साथ-साथ सामाजिक संदेश देने का भी मंच बनता नजर आया

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