कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि सरकार का ऐसा कोई विभाग नहीं बचा, जिसमें चोरी ना हो रही है, जहां भ्रष्टाचार ना हो रहा हो। उन्होंने कहा कि राम मंदिर पूरी तरह से सरकारी मंदिर है।
मथुरा: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर दान चोरी के मुद्दे को लेकर माहौल गर्माया हुआ है। चर्चा है कि अब राम मंदिर में सीईओ की नियुक्ति की जाएगी। वहीं, मामले की एसआईटी की जांच जारी है और हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच मथुरा के कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने राम मंदिर दान चोरी के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। अनिरुद्धाचार्य ने कहा है कि सभी मंदिरों पर सरकार का नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर क्या, सरकार के सभी विभागों में चोरी हो रही है।
अनिरुद्धाचार्य ने ये बातें न्यूज-24 चैनल से बातचीत में कहीं। राम मंदिर दान चोरी के मुद्दे पर उन्होंने कहा, ‘भले ही राम मंदिर में ट्रस्ट बना हुआ है, लेकिन वो मंदिर सरकारी ही है। सभी मंदिर सरकारी हैं, चाहे तिरुपति मंदिर हो या राम मंदिर। सरकार का कोई ऐसा विभाग नहीं बचा, जिसमें भ्रष्टाचार ना हो। सरकार अपने विभाग नहीं संभाल पा रही, मंदिर में चोरी कैसे रुकेगी। राम मंदिर क्या, सभी विभागों में चोरी हो रही है।’
राम मंदिर के दान से कितनी गौशालाएं बनीं- अनिरुद्धाचार्य
राम मंदिर को मिलने वाले दान पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि हर दिन वहां लाखों रुपये का चढ़ावा आता है। दान की जो रकम चुराई गई, उससे कितने गुरुकुल बन सकते थे, कितने बच्चे पढ़ सकते थे, कितनी गौशालाएं बन सकती थीं, कितने अस्पताल बन सकते थे, लेकिन नहीं बनाए गए। हमारे आश्रम तो छोटे-छोटे दान पर चल रहे फिर भी यहां गुरुकुल हैं, गौशाला हैं।
सुप्रीम कोर्ट में दान चोरी मामला
आपको बता दें कि अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी का मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच गया है। इस मामले में याचिकाएं दाखिल कर मांग की गई है कि दान चोरी केस की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। फिलहाल यूपी सरकार की तरफ से गठित एसआईटी इस केस की जांच कर रही है। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना इन याचिकाओं पर आज सुनवाई करेंगे।
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इससे पहले एसआईटी ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में बताया कि दान की गिनती के सिस्टम में कई खामियां थीं, जिनका फायदा उठाकर चढ़ावे की चोरी की गई। एसआईटी को सीसीटीवी में 70 बार दान की चोरी करते हुए फुटेज भी मिली। इस मामले में फिलहाल 8 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफा देने के बाद कृष्ण मोहन को कार्यकारी महासचिव बनाया गया है।

