अयोध्या के पवित्र राम मंदिर से दान चोरी की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है, जिसके लिए उन्होंने सदियों तक इंतज़ार किया और जिसके कण-कण में आस्था बसी है। यह सिर्फ़ पैसों की चोरी नहीं है, बल्कि करोड़ों राम भक्तों की पवित्र भावनाओं और आस्था पर एक घातक हमला है। जिन भगवान के नाम पर पूरा देश एकजुट हुआ, उन्हीं के घर को अपवित्र करने वाले ये चोर कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि आज के ज़माने के राक्षस हैं। ‘पक्को गुजरात’ आज जनता के उस भारी गुस्से को आवाज़ दे रहा है, जो इन पापियों के लिए बहुत कड़ी सज़ा की मांग कर रही है।
आस्था के पवित्र स्थान पर पाप की पराकाष्ठा!
देश-विदेश से आए भक्त राम मंदिर में भगवान के चरणों में अपनी मेहनत की कमाई चढ़ाते हैं। लेकिन कुछ अधर्मियों की नज़र इस पवित्र दान पर पड़ गई। आम चोरी के लिए भारतीय कानून में जो प्रावधान हैं, वे शायद ऐसे छोटे अपराधियों के लिए काफ़ी नहीं हैं। ज़रा सोचिए, उन लोगों की सोच कितनी घटिया होगी जो इतनी पवित्र जगह पर, जहाँ लोग जूते-चप्पल उतारकर जाते हैं, भगवान की संपत्ति चुराने की हिम्मत करते हैं!
सऊदी अरब जैसा कानून समय की ज़रूरत है!
पूरे देश के लोगों में इस बात को लेकर भारी गुस्सा है कि ऐसे धार्मिक अपराधियों के प्रति भारत के कानून नरम पड़ रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि ऐसे मामलों में सऊदी अरब जैसे देशों के कानून क्यों नहीं अपनाए जा सकते? सऊदी अरब जैसे देशों में चोर के हाथ काट दिए जाते हैं, जिससे अपराधी कोई भी अपराध करने से पहले हज़ार बार सोचते हैं। अगर राम मंदिर से चोरी करने वालों को भी ऐसी कड़ी और रोंगटे खड़े कर देने वाली सज़ा मिले, तो उनकी आने वाली पीढ़ियां चोरी करना तो दूर, ऐसी चोरी के ख्याल से ही कांप उठेंगी!
‘महानगर मेट्रो ‘ के तीखे सवाल और आपकी राय:
भगवान के घर से दान चुराने वालों के लिए कोई मामूली सज़ा नहीं हो सकती। आज, जब पूरा गुजरात और देश इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, तो यह सवाल उठता है:
क्या धार्मिक स्थलों पर होने वाली चोरी को आम अपराधों की श्रेणी से बाहर निकालकर ‘महा-अपराध’ घोषित नहीं किया जाना चाहिए?
क्या ऐसे अपराधियों पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कुछ ही दिनों के भीतर जेल नहीं भेजा जाना चाहिए?
क्या अब समय आ गया है कि भारत भी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और ऐसे अपराधों के लिए सऊदी अरब जैसे सख्त कानून बनाए?
पाठकों, आपकी क्या राय है?
आपकी राय में, भगवान राम के मंदिर से दान की चोरी करने वाले इन महा-अपराधियों को क्या सज़ा मिलनी चाहिए? क्या उन्हें कानून के दायरे में लाकर ऐसी सज़ा दी जानी चाहिए जो इतिहास में एक मिसाल बने?

