डभोई-वाघोडिया रोड पर बिज़ी तरसाना चौराहा अब एक्सीडेंट का अड्डा बन गया है। इस चौराहे पर एक्सीडेंट की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में आज लगातार दूसरे दिन एक बड़ा एक्सीडेंट हुआ। यहां एक टेंपो और पिकअप ट्रक के बीच ज़बरदस्त टक्कर हो गई। अच्छी बात ये रही कि इस घटना में दो लोगों को मामूली चोटें आईं और बड़ी दुर्घटना टल गई। लेकिन पिछले दो दिनों में यह तीसरा एक्सीडेंट होने की वजह से स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ़ काफ़ी गुस्सा है।
तरसाना चौराहा वडोदरा, वाघोडिया, डभोई और बोडेली से आने वाले भारी और छोटे वाहनों को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता है। इतना बिज़ी चौराहा होने के बाद भी यहां सुरक्षा के नाम पर ‘दिक्कत’ है। वाहनों की स्पीड कम करने के लिए कोई स्पीड ब्रेकर नहीं बनाया गया है। रात में चौराहा दिखे, इसके लिए कोई रेडियम बोर्ड, लाल चमकती पट्टियां या ब्लिंकर नहीं लगाए गए हैं। अंधेरे में तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाने वालों को चौराहा नज़र ही नहीं आता, जिसकी वजह से आए दिन हादसे होते हैं।
स्थानीय लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना या किसी बेगुनाह की जान जाने का इंतज़ार कर रहा है? बार-बार बताने के बाद भी रोड एंड
हाउसिंग डिपार्टमेंट कोई एक्शन क्यों नहीं ले रहा है?
अब समय आ गया है कि स्थानीय प्रशासन जागे और कागज़ों पर बातें करने के बजाय ज़मीनी स्तर पर एक्शन प्लान बनाए। तरसाना चौराहे पर तुरंत एक सर्किल बनाया जाए, लाइटें और रेडियम पट्टियां लगाई जाएं ताकि गाड़ी चलाने वालों की जान बच सके। अगर प्रशासन अब भी चुप रहा, तो स्थानीय लोगों ने आने वाले दिनों में ज़ोरदार आंदोलन करने की धमकी दी है।

