शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अगले प्रधानमंत्री के तौर पर समर्थन देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी से नेताओं का पाला बदलना बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व की चाल थी, ताकि शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) को मजबूत करके फडणवीस के पर कतरे जा सकें।
मुंबई : बागी सांसदों के मतदान क्षेत्र में सभा कर रहे उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हितैषी हैं। यदि फडणवीस प्रधानमंत्री बनने की आकांक्षा रखते हैं, तो वह उनका समर्थन करेंगे। कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने भी उद्धव ठाकरे का समर्थन करते हुए कहा कि मराठी पीएम होना चाहिए। उद्धव ठाकरे पार्टी छोड़ने वाले सभी छह सांसदों के चुनाव क्षेत्र में जाकर सार्वजनिक मीटिंग कर रहे है। उन्होंने कहा कि अगर वह (फडणवीस) सोचते हैं कि मैं उनका दुश्मन हूं, तो बता दूं कि मैं उनका हितैषी हूं। उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि बीजेपी में ऐसी योजना बनाई जा रही है, जिससे 2029 में फडणवीस प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल ही न हो सकें।
उद्धव ठाकरे शिरडी में पहुंचे थे। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को कहा कि वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के शुभचिंतक हैं और अगर वह प्रधानमंत्री बनते हैं तो उनका समर्थन करेंगे।
मैं फडणवीस का दुश्मन नहीं, बल्कि शुभचिंतक हूं। अगर फडणवीस प्रधानमंत्री बनते हैं तो हम उन्हें अपना समर्थन देंगे। उन्हें पहले यह घोषणा करनी चाहिए कि वह प्रधानमंत्री पद की दौड़ में हैं। उद्धव ठाकरे
‘महाराष्ट्र का कोई गद्दार पीएम पद पर मंजूर नहीं’
उन्होंने दावा किया कि फडणवीस को महाराष्ट्र तक ही सीमित रखने की योजना बनाई जा रही है, क्योंकि बीजेपी के भीतर 2029 के बाद प्रधानमंत्री कौन बनेगा, इसे लेकर होड़ शुरू हो गई है। शिरडी मंदिर के दौरे के दौरान उद्धव ने कहा कि उन्होंने फडणवीस की कुर्सी सुरक्षित रहने की प्रार्थना की। शिंदे गुट पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई मराठी नेता प्रधानमंत्री बनता है तो इसमें क्या बुराई है? अगर महाराष्ट्र का कोई नेता – जो गद्दार न हो – प्रधानमंत्री बनता है, तो शिवसेना उसके साथ खड़ी होगी।’
इशारों में एकनाथ शिंदे पर निशाना
ठाकरे ने कहा कि शिरडी मंदिर की यात्रा के दौरान उन्होंने देवेंद्र फडणवीस की कुर्सी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में बीजेपी खेमे में इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि 2029 के बाद प्रधानमंत्री कौन होगा, जिससे आंतरिक प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है। ठाकरे ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि फडणवीस दौड़ में आगे आ सकते हैं, इसलिए उनके मौकों को अभी खत्म कर दिया जाए और उन्हें बांधकर रखा जाए ताकि वह दिल्ली न पहुंच सकें।
अगर कोई मराठी नेता प्रधानमंत्री बनता है तो इसमें क्या गलत है? अगर महाराष्ट्र का कोई नेता – गद्दार नहीं – पीएम बनता है तो शिवसेना (UBT) उसके साथ खड़ी होगी। उद्धव ठाकरे
‘नितिन गडकरी के साथ जैसा हुआ, अब फडणवीस के साथ हो रहा’
ठाकरे उन छह सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं जो हाल ही में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सेना में शामिल हुए हैं। सोमवार को वह अहिल्यानगर जिले के शिरडी में थे, जो सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे का निर्वाचन क्षेत्र है। हालिया दलबदल को एक सुनियोजित कदम बताते हुए ठाकरे ने कहा कि शिंदे गुट ने राज्य में बीजेपी से भी ज्यादा अपनी ताकत बढ़ा ली है। उन्होंने दावा किया कि पिछले चुनावों में हमारे नौ सांसद थे, बीजेपी के नौ थे और शिंदे सेना के सात थे। हमारे सांसदों को तोड़कर उन्होंने अपनी संख्या बढ़ा ली है। कल, जब नेतृत्व का सवाल उठेगा, तो वे कह सकते हैं कि फडणवीस के नेतृत्व में बीजेपी को केवल नौ सीटें मिलीं, जबकि उनके पास अधिक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फडणवीस के पर कतरे जा रहे हैं। ठीक वैसा ही जैसा उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ होने का आरोप लगाया था।
भावुक अंदाज में उद्धव ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से चुप न रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि पिंजरे में बंद मुर्गियों की तरह मत रहिए। अगर आज नहीं, तो कल हमारा होगा। उन्होंने राजनीतिक वापसी का भरोसा जताते हुए कहा कि हमारे पास तीन साल हैं- इस दौरान हमारी सरकार फिर से सत्ता में आ सकती है।

