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पुलिस की नाक के नीचे शराब तस्करों का बोलबाला: गायकवाड़ हवेली पुलिस स्टेशन से मात्र 2 मिनट की दूरी पर खुलेआम शराब की बिक्री!

अहमदाबाद में कानून-व्यवस्था पर सवाल: जमालपुर ट्रैफिक बीट पोस्ट के पीछे देसी और विदेशी शराब बेचे जाने के आरोपों से मचा हड़कंप

अहमदाबाद के जमालपुर ट्रैफिक बीट के पीछे देसी और विदेशी शराब की खुलेआम बिक्री का आरोप।
गायकवाड़ हवेली पुलिस स्टेशन से महज 2 मिनट की दूरी पर बेखौफ चल रहा है अवैध कारोबार।
स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल, ‘महानगर मेट्रो’ ने पूछा- क्या पुलिस कमिश्नर करेंगे सख्त कार्रवाई?

अहमदाबाद। गुजरात में शराबबंदी सिर्फ़ कागजों पर होने के आरोप अक्सर लगते रहे हैं, लेकिन अहमदाबाद के प्रभावित इलाकों से सामने आई जानकारी ने पुलिस प्रशासन की साख पर बट्टा लगा दिया है। अहमदाबाद में जमालपुर ट्रैफिक बीट के पीछे देसी और विदेशी शराब की खुलेआम बिक्री के गंभीर आरोपों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या ‘पुलिस स्टेशन पास होना’ शराब तस्करों के लिए सुरक्षा कवच है?

स्थानीय सूत्रों के चौंकाने वाले दावों के अनुसार, जहाँ यह अवैध शराब का कारोबार चल रहा है, वहाँ से गायकवाड़ हवेली पुलिस स्टेशन सिर्फ़ दो मिनट की दूरी पर है। कानून का कोई डर न होने के कारण, शराब तस्कर पुलिस स्टेशन के ठीक बगल में देसी और विदेशी शराब की नदियाँ बहा रहे हैं। अब आम जनता के बीच यह बहस तेज़ हो गई है कि क्या शराब तस्करों को अब पुलिस का कोई डर नहीं रहा, या यह सब ‘मिलीभगत’ से हो रहा है?

बड़ा सवाल: जो पुलिस ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले आम नागरिकों को तुरंत पकड़ लेती है, उसे अपनी ही पोस्ट के पीछे चल रहा शराब का इतना बड़ा अड्डा क्यों दिखाई नहीं देता?

ट्रैफिक पोस्ट की आड़ में काला कारोबार, क्या बड़े अधिकारी चुप हैं या अनजान?

आरोपों के अनुसार, यह गतिविधि ट्रैफिक पुलिस पोस्ट के ठीक पीछे लंबे समय से चल रही है। हर दिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही के बीच खुलेआम शराब बेचे जाने के बावजूद, स्थानीय पुलिस या उच्च अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस निष्क्रियता को लेकर अब जनता में काफी गुस्सा है।

‘महानगर मेट्रो’ के सीधे सवाल:

  1. क्या यह स्वीकार्य है कि पुलिस स्टेशन से सिर्फ़ 2 मिनट की दूरी पर शराब बेची जा रही हो और स्थानीय PI को इसकी जानकारी न हो?
  2. अगर यह खेल ट्रैफिक बीट स्टाफ की नाक के नीचे चल रहा है, तो क्या उनकी कोई ज़िम्मेदारी नहीं है?
  3. अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर इस मामले पर कब ध्यान देंगे और ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ़ कब कार्रवाई की जाएगी?

इन गंभीर आरोपों के बाद, अब यह देखना बाकी है कि क्या पुलिस के आला अधिकारी इस शराब के अड्डे को बुलडोज़र से ढहा देंगे या फिर हमेशा की तरह ‘सब ठीक है’ कहकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा। (- महानगर मेट्रो न्यूज़ नेटवर्क)

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