कलेक्टर और SP के आदेश पर दौड़ी ट्रैफिक पुलिस; पर AC दफ्तरों में बैठकर ‘मलाई’ काटने वाला खान-खनिज विभाग आखिर कब जागेगा?

छोटाउदैपुर। जिले में प्राकृतिक संपदा की सरेआम लूट मचाने वाले खनिज माफियाओं के खिलाफ आखिरकार प्रशासन ने अपनी तीसरी आंख खोल दी है। जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक (SP) के कड़े निर्देशों के बाद जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ एक विशेष मुहिम (स्पेशल ड्राइव) तेज कर दी गई है। इस कार्रवाई से माफिया गलियारों में भारी हड़कंप मच गया है। इसी कड़ी में जिला ट्रैफिक पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए रात की गश्त के दौरान सुस्काल गांव के पास से बिना रॉयल्टी के अवैध रेत ले जाते एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रंगे हाथों दबोच लिया।
रात के अंधेरे में खनन का काला खेल!
मिली जानकारी के अनुसार, जिला ट्रैफिक शाखा की टीम रात के समय रूटीन गश्त पर थी। इसी दौरान सुस्काल के पास एक संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली दिखाई दी। जब पुलिस ने उसे रोककर उसकी तलाशी ली, तो ट्रॉली रेत से ओवरलोड भरी पाई गई। जब ट्रैक्टर चालक से रेत परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज या रॉयल्टी पास मांगे गए, तो उसके पास कुछ नहीं मिला। बिना रॉयल्टी के हो रहे इस अवैध परिवहन को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर आगे की दंडात्मक कार्रवाई के लिए खान एवं खनिज विभाग को सौंप दिया।
नदियों का सीना चीर रहे हैं माफिया!
छोटाउदैपुर जिले की लाइफलाइन कही जाने वाली नदियों से लंबे समय से अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। इस अंधाधुंध खनन के कारण नदियों का प्राकृतिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका है और पर्यावरण को ऐसा जख्म मिला है जिसकी भरपाई नामुमकिन है।
“महानगर मेट्रो” का सीधा सवाल: आखिर कब तक कुंभकर्णी नींद सोएगा खनिज विभाग?
एक तरफ जहां पुलिस प्रशासन अपनी जान जोखिम में डालकर रात-रात भर जागकर इन खनिज चोरों को पकड़ रहा है, वहीं जिले का खान एवं खनिज विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है। जनता के बीच यह चर्चा आम है कि इस विभाग के अफसरों का काम सिर्फ एसी केबिनों में बैठकर ‘हफ्ता वसूली’ करना और मलाई काटना रह गया है!
इनकी नाक के नीचे दिन-दहाड़े नदियों का सीना चीरा जा रहा है, धड़ल्ले से रेत और मिट्टी का अवैध खनन हो रहा है, लेकिन इस विभाग को कुछ दिखाई नहीं देता। क्या इस विभाग की आंखें तभी खुलती हैं जब पुलिस इन्हें केस थाली में परोस कर देती है?
आगे और भी ‘घातक’ होगी कार्रवाई!
भले ही खनिज विभाग सुस्त हो, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा इस कार्रवाई को और ज्यादा कड़ा और व्यापक बनाया जाएगा। अब देखना यह है कि इस कड़े प्रहार के बाद खनिज माफिया सलाखों के पीछे जाते हैं या फिर ‘सिस्टम’ की मेहरबानी से दोबारा नदियों को लूटने निकल पड़ते हैं!

