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कृष्णानगर डकैती मामले में बड़ा खुलासा: मुख्य आरोपी अजय गगडेकर की पत्नी दिव्या गिरफ्तार, 25 लाख रुपये नकद बरामद

दुर्घटना का नाटक करके वाहन का शीशा तोड़कर 50 लाख रुपये लूटने वाले गिरोह की ‘महिला सरगना’ गिरफ्तार; दिव्या लूट की रकम बांटने और न्यायालय का काम-काज संभालने का काम करती थी

अहमदाबाद। पुलिस ने अहमदाबाद के कृष्णानगर क्षेत्र में सरदार चौक पर 27 जून को चलचित्र अंदाज़ में हुई 50 लाख रुपये की सनसनीखेज डकैती के मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस चौंकाने वाली डकैती को अंजाम देने वाले कुख्यात ‘छारा गिरोह’ के अजय उर्फ ​​अजुभा गगडेकर की पत्नी दिव्या गगडेकर को गिरफ्तार किया है। कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस दिव्या से 25 लाख रुपये नकद बरामद करने में सफल रही है।

दुर्घटना का नाटक करके कुछ ही मिनटों में डकैती को अंजाम दिया गया

घटना की जानकारी के अनुसार, 27 जून को असामाजिक तत्वों ने सरदार चौक के पास एक वाहन को रोका और दावा किया कि दुर्घटना हो गई है। जैसे ही वाहन रुका, गिरोह के साथियों ने वाहन का शीशा तोड़ा और अंदर रखे 50 लाख रुपये नकद से भरा थैला छीनकर भाग गए। इस मामले में कृष्णानगर पुलिस ने अजय उर्फ ​​अजुभा गगडेकर और तीन साथियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पत्नी दिव्या ही पूरे गिरोह की ‘मुखिया’ निकली: लूट की रकम बांटने से लेकर न्यायालय का काम-काज संभालने तक

पुलिस जांच में इस गिरोह के बारे में बहुत चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। जब भी डकैती करने वाला यह ‘छारा गिरोह’ कोई अपराध करता था, तो लूटा गया सारा सामान मुख्य सूत्रधार अजय की पत्नी दिव्या गगडेकर को सौंप दिया जाता था। दिव्या ही इस गिरोह को असल में चलाती थी और वही तय करती थी कि किसे कितना हिस्सा मिलेगा। इतना ही नहीं, जब गिरोह के सदस्य पकड़े जाते थे, तो उन्हें कारागार से छुड़ाना, वकील करना और न्यायालय से जुड़े सभी वैधानिक काम भी यही ‘महिला सरगना’ दिव्या गगडेकर ही संभालती थी।

गुजरात आतंकवाद और संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (गुज्सीटोक) के तहत शामिल अंतरराज्यीय गिरोह: 30 से ज़्यादा अपराधों का इतिहास!
पुलिस के अनुसार, यह चोरों और लुटेरों का कोई आम गिरोह नहीं है, बल्कि डकैती और चोरी में माहिर एक पेशेवर गिरोह है। इस गिरोह के विरुद्ध पहले भी अलग-अलग राज्यों में करीब 30 गंभीर अपराध दर्ज हो चुके हैं। गिरोह की गंभीरता को देखते हुए, उन पर ‘गुजरात आतंकवाद और संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम’ जैसे कड़े कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। अजय गगडेकर के अलावा, इस गिरोह में ये आदतन अपराधी भी शामिल हैं: प्रतीक पनवेकर, विशाल तनवानी, शंकुल भोगेकर। जो लोगों को डरा-धमकाकर सड़क पर लूटने में माहिर हैं।

मुख्य आरोपी की तलाश ज़ोरों पर है: ‘महानगर मेट्रो’ का सवाल!

फिलहाल, पुलिस ने गिरोह के सरगना अजय की पत्नी को कारागार भेज दिया है और बाकी बचे 25 लाख रुपये का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर, पुलिस ने अलग-अलग दल बनाए हैं और अजय गगडेकर समेत उन अन्य साथियों को पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी है जो लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद भाग गए थे। लेकिन यहाँ ‘महानगर मेट्रो’ का सीधा सवाल यह है कि क्या पुलिस का खुफिया तंत्र तब तक सो रहा था, जब तक कि ऐसे कड़े कानूनों के तहत अपराध दर्ज होने के बावजूद यह गिरोह अहमदाबाद जैसे महानगर में खुलेआम घूमता रहा और 50 लाख रुपये लूट लिए? अब यह देखना शेष है कि पुलिस इस पूरे गिरोह को कब कारागार भेजेगी और बाकी रकम कब बरामद होगी।

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