महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने भिवंडी में एक्सपायर और खराब खाद्य पदार्थों को दोबारा बाजार में बेचने वाले अंतर-राज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है. कार्रवाई के दौरान 52 लाख रुपये से अधिक का अवैध खाद्य स्टॉक जब्त किया गया.
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एक अंतर-राज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो एक्सपायर हो चुके और खराब खाद्य पदार्थों को कमर्शियल मार्केट में दोबारा बेचता था. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी. अधिकारी ने बताया कि FDA अधिकारियों ने ठाणे जिले के भिवंडी शहर में कई जगहों पर छापेमारी कर 52 लाख रुपये से ज़्यादा का अवैध खाद्य स्टॉक ज़ब्त किया.
ऐसे डालते थे नई डेट
सरावाली में एक वेयरहाउस से 1.67 लाख रुपये कीमत का 1.5 टन बिना बिल वाला और एक्सपायर हो चुका खाद्य सामान मिलने के बाद उसका खाद्य सुरक्षा लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया. उन्होंने बताया कि इसी दौरान निज़ामपुरा पुलिस ने एक अंतर-राज्यीय ट्रक को रोका जिसमें 1,200 किलोग्राम एक्सपायर हो चुका आटा और 5.18 लाख रुपये कीमत के ब्रांडेड उत्पाद बिना किसी वैध इनवॉइस के ले जाए जा रहे थे.
इसके बाद भिवंडी में आठ जगहों पर छापेमारी की गई, जिसमें 45.74 लाख रुपये कीमत का बिना दस्तावेज़ वाला और एक्सपायर हो चुका स्टॉक मिला. FDA के अनुसार इस सिंडिकेट का काम करने का तरीका यह था कि बड़ी ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियां अनधिकृत स्क्रैप एजेंसियों को काम पर रखती थीं. यह एजेंसियां डिस्पोज़ल सर्टिफिकेट बनाती थीं और चुपके से एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पादों को बिना रजिस्टर्ड वेयरहाउस में भेज देती थीं.
फूड डिपार्टमेंट अब हमेशा के लिए कैंसिल करेगा लाइसेंस
इसके बाद ऑपरेटर केमिकल का इस्तेमाल करके असली एक्सपायरी डेट मिटा देते थे, नकली मैन्युफैक्चरिंग स्टिकर लगाते थे और उत्पादों को कम कीमत पर दोबारा बेचते थे. FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने चेतावनी दी है कि जो लॉजिस्टिक्स कंपनियां डिस्पोज़ल के नए कड़े नियमों का उल्लंघन करेंगी. जिनमें अनिवार्य जियो-टैग वीडियो ट्रैकिंग और एक्सपायर हो चुके सामान के लिए अलग लॉक ज़ोन शामिल हैं. उनका लाइसेंस तुरंत और हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाएगा और उन पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा.

