शिवसेना यूबीटी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने दो दिन पहले विधायकों की बैठक की। इस बैठक से कई विधायक गायब रहे। अब एकनाथ शिंदे गुट के मंत्री गुलाबराव पाटिल और उदय सामंत ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे एक बार फिर ऑपरेशन टाइगर की शिकार बनने जा रही है। कई विधायक शिंदे के संपर्क में हैं।
मुंबई : MVA की एक मीटिंग में, जिसे शिवसेना (UBT) अध्यक्ष ने संबोधित किया। इस मीटिंग में विपक्ष के 60 में से सिर्फ 37 विधायक ही पहुंचे थे। इसके दो दिन बाद, शिवसेना मंत्री गुलाबराव पाटिल ने कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर 3.0’ शुरू हो गया है और शिवसेना (UBT) के 14 विधायक जल्द ही डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की पार्टी में शामिल हो जाएंगे। गुलाबराव पाटिल के इस ऑपरेशन वाले दावे को शिवसेना के ही एक और मंत्री उदय सामंत ने गलत बताया। नागपुर में सामंत ने कहा कि ऐसा कोई ऑपरेशन नहीं चल रहा है, हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि MVA के कई विधायक अपनी मर्ज़ी से शिवसेना में शामिल होने में दिलचस्पी रखते हैं।
ठाकरे, जिनके छह सांसद कुछ दिन पहले ही शिवसेना में शामिल हो गए थे, ने उन छह लोकसभा सदस्यों के चुनाव क्षेत्रों का दौरा शुरू कर दिया है जिन्होंने बगावत की थी। वह शुक्रवार को नागपुर गए। संयोग से, उसी प्लेन में जिसमें सीएम देवेंद्र फडणवीस भी थे।
विदर्भ के चारों विधायक अटेंड करेंगे उद्धव की जनसभा!
उद्धव ठाकरे शनिवार को यवतमाल और वाशिम में जनसभा करेंगे। उनकी मीटिंग से गायब विधायकों में विदर्भ के चारों विधायक थी थे, हालांकि उद्धव के लिए राहत की बात यह रही कि शिवसेना (UBT) के विदर्भ के चारों विधायकों ने पुष्टि की कि वे में मौजूद रहेंगे। शिवसेना (UBT) के पास 20 विधायक हैं और पार्टी में फूट डालने के लिए जरूरी दो-तिहाई संख्या 14 है। इन 20 विधायकों में से 10 शहर से हैं, जिनमें उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे और भतीजे वरुण सरदेसाई भी शामिल हैं।
‘एकनाथ शिंदे दाढ़ी पर हाथ फेरें तो समझो ऑपरेशन टाइगर सफल’
शिवसेना के पदाधिकारियों ने उद्धव ठाकरे के दौरे को बहुत देर से की गई कोशिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान ठाकरे ने इन चुनाव क्षेत्रों को नजरअंदाज़ किया था और पार्टी कार्यकर्ताओं को अपने हाल पर छोड़ दिया था। पाटिल ने कहा कि कुछ समय इंतजार कीजिए, 14 से ज्यादा विधायक उनके (शिंदे के) पास आएंगे। एकनाथ शिंदे बोलते नहीं हैं, बस अपनी दाढ़ी पर हाथ फेरते हैं। यह बात खुद उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने भी मानी है। जब एकनाथ शिंदे अपनी दाढ़ी पर हाथ फेरते हैं, तो समझो ‘ऑपरेशन टाइगर’ सफल हो गया।
विजय वडेट्टीवार के भी शिवसेना में आने की अटकलें
ऐसी भी अटकलें थीं कि कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार शिवसेना में शामिल होंगे। उदय सामंत ने कहा कि अगर वडेट्टीवार ऐसा करते हैं तो यह खुशी का पल होगा। इस पर वडेट्टीवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन अटकलों को बदनाम करने की राजनीति बताया और कांग्रेस के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई। सामंत ने कहा कि विजय वडेट्टीवार हमारे बहुत अच्छे दोस्त हैं। वे एकनाथ शिंदे साहब के भी करीबी दोस्त हैं। विजय वडेट्टीवार ने कभी हमारे साथ पार्टी में शामिल होने के बारे में बात नहीं की। लेकिन अगर विदर्भ के विजय वडेट्टीवार जैसे कद्दावर नेता एकनाथ शिंदे साहब के साथ काम करने का फैसला करते हैं, तो मुझे सबसे ज़्यादा खुशी होगी।
एकनाथ शिंदे की बगावत का जिक्र
उदय सामंत ने कहा कि अगर MVA के विधायक खुद चाहते हैं कि हम एकनाथ शिंदे साहब का नेतृत्व स्वीकार करें, तो हम इसे क्यों ठुकराएं? अगर वे पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं, तो हम उन्हें आने से क्यों रोकें? सामंत ने 2022 में शिंदे के नेतृत्व में हुई बगावत का ज़िक्र करते हुए पार्टी बदलने को संवैधानिक अधिकार बताया। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल पहले हम भी इसी दौर से गुजरे थे। जिन लोगों ने शिंदे का नेतृत्व स्वीकार किया, उन्हें गालियां दी गईं, धमकियां दी गईं और निशाना बनाया गया। लेकिन राजनीतिक विचारधारा या पार्टी बदलना भारत के संविधान द्वारा दिया गया एक अधिकार है। इसके जवाब में, शिवसेना (UBT) के सांसदों ने कहा कि शिंदे के साथ शामिल होने वाले सांसदों को 50 से 60 करोड़ रुपये प्रति सांसद के हिसाब से खरीदा गया था।

