राजनांदगांव : छत्तीसगढ़ पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय संगठन आईंरा इंटरनेशनल रिपोर्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने कहा की विगत दिनों राजनांदगांव जिले के सोमनी थाना में जिस तरीके से पीड़िता का नाम और पहचान को उजागर किया गया वह किसी भी दृष्टिकोण से सही नहीं है इस मामले में पुलिस की तरफ से गलती हुई है साथ ही लोकतंत्र के चौथा आधार स्तंभ मीडिया से भी कहीं- न कहीं चुक हुई है
इस मामले में बाकायदा सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला देते हुए पुलिस प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी किया है इसका हम स्वागत करते हैं दूसरी ओर आईंरा पत्रकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने कहा कि पत्रकारों को लेकर समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट दिशा निर्देश जारी करती है प्रेस काउंसिल आंफ इंडिया भी पत्रकारों की सुरक्षा और संरक्षण की बात करती है उसके बावजूद भी छत्तीसगढ़ में सुप्रीम कोर्ट की आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है यहां लगातार फर्जी एफआईआर दर्ज किए जा रहे हैं पत्रकारों के नाम को विलोपित करके मामला दर्ज किया जा रहा है सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी पत्रकार पर अगर फर्जी एफआईआर होता है तो संबंधित राज्यों के डीजीपी से लेकर आईजी डीआईजी तक जिम्मेदार होंगे लेकिन जहां कहीं भी पत्रकारों का मामला आता है एक कांस्टेबल तक एफआईआर करने से नहीं चुक रहे है यहां खुले तौर पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही रही है इस पर भी कृपया पुलिस प्रशासन एडवाइजरी जारी करने का कष्ट करें ताकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन न हो नहीं इसका चीरहरण हो

