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‘तमीज से बात करिए, आपका नाम नहीं लिया’, सांसद कृष्णा पटेल पर भड़के MLA विशंभर यादव, सपा की बैठक में खूब हंगामा

यूपी के बांदा जिले में समाजवादी पार्टी की सपा सांसद कृष्णा देवी पटेल और बबेरू विधायक विशंभर सिंह यादव के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ। ​​

यूपी के बांदा जिले में समाजवादी पार्टी की अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। सपा सांसद कृष्णा देवी पटेल और बबेरू विधायक विशंभर सिंह यादव के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विधायक विशंभर यादव ने सांसद कृष्णा पटेल को तमीज से बात करने को कहा। जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ। नोकझोंक का वीडियो किसी कार्यकर्ता ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित छत्रपति शाहूजी महाराज जयंती कार्यक्रम के दौरान सपा सांसद कृष्णा देवी पटेल और बबेरू विधायक विशंभर सिंह यादव के बीच काफी देर तक हंगामा होता रहा। बताया जा रहा है कि शाहूजी महाराज जयंती के अवसर पर आयोजित बैठक के दौरान विधायक विशंभर सिंह यादव ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि पार्टी में कुछ ऐसे लोग हैं जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा से प्रभावित हैं और उनसे सावधान रहने की जरूरत है।

सांसद कृष्णा पटेल के बयान पर भड़के विधायक

विधायक के इस बयान को सांसद कृष्णा देवी पटेल ने अपने ऊपर टिप्पणी समझ लिया और उन्होंने सीधे विधायक का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके खिलाफ जो भी साजिशें हो रही हैं, उसके पीछे विधायक विशंभर यादव का हाथ है। सांसद के आरोप पर विधायक विशंभर यादव तत्काल खड़े हो गए और उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि तमीज से बात करिए, जब किसी का नाम नहीं लिया है तो उनका नाम लेकर आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक तीखी बहस होती रही, जिससे बैठक का माहौल गर्मा गया।

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स्थिति बिगड़ती देख पूर्व सपा जिलाध्यक्ष मधुसूदन कुशवाहा ने हस्तक्षेप किया और दोनों नेताओं को शांत कराया। इसके बाद बैठक की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई। बैठक के दौरान हुई इस नोकझोंक का वीडियो किसी कार्यकर्ता ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। गौरतलब है कि बांदा में समाजवादी पार्टी लंबे समय से गुटबाजी की समस्या से जूझ रही है। पार्टी के भीतर सांसद और विधायक खेमों के बीच मतभेद किसी से छिपे नहीं हैं। पार्टी हाईकमान भी जिले की स्थिति से अवगत है, जिसके चलते जिला इकाई लंबे समय से भंग चल रही है।

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