महानगर मेट्रो ब्यूरो, नई दिल्ली : संत महासभा द्वारा संचालित सामाजिक एवं धार्मिक संस्था ‘श्री चित्रगुप्त अखाड़ा’ की एक अति-महत्वपूर्ण बैठक आज नई दिल्ली के मंदिर मार्ग स्थित हिंदू महासभा भवन में संपन्न हुई। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के जगद्गुरु, सनातन सम्राट तथा अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष परम पूज्य स्वामी चक्रपाणि जी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सनातन धर्म, राष्ट्र रक्षा और सामाजिक समरसता को लेकर कई बड़े संकल्प लिए गए।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर घोषणा की गई कि उत्तर प्रदेश के 11 जनपदों में भव्य “हिंदू स्वाभिमान सम्मेलन” का आयोजन किया जाएगा। इन सम्मेलनों में देशभर के प्रख्यात संत-महात्मा, प्रबुद्ध नागरिक और विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि शिरकत करेंगे।
2 अक्टूबर को प्रयागराज से होगी शुरुआत
महानगर मेट्रो को मिली जानकारी के अनुसार, इस सम्मेलन श्रृंखला का भव्य शुभारंभ आगामी 2 अक्टूबर 2026 को लाल बहादुर शास्त्री जयंती के पावन अवसर पर प्रयागराज से होगा। इसके बाद प्रथम चरण के तहत 3 अक्टूबर को मिर्जापुर और 4 अक्टूबर को जौनपुर में सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों से पूर्व स्थानीय स्तर पर सनातन धर्म ध्वज यात्राएं, पदयात्राएं और संत सम्मेलन आयोजित कर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
सम्मेलन से पहले होगा ‘सहभोज और आशीर्वाद’ कार्यक्रम
बैठक में यह विशेष निर्णय लिया गया है कि प्रत्येक ‘हिंदू स्वाभिमान सम्मेलन’ से पहले सुबह 10 से 12 बजे तक जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज के सान्निध्य में एक “सहभोज आशीर्वाद कार्यक्रम” होगा। इसमें मुख्य रूप से कायस्थ समाज सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एकजुट होकर सामाजिक समरसता, राष्ट्र निर्माण और हिंदू स्वाभिमान के विषयों पर मंथन करेंगे।
सफल संचालन के लिए 3 सदस्यीय यूपी कमेटी गठित
उत्तर प्रदेश में इन कार्यक्रमों के सुचारू और सफल आयोजन के लिए तीन सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया गया है, जिसमें प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:
- श्री कुमार नारायण जी (उत्तर प्रदेश प्रभारी)
- श्री स्वप्निल श्रीवास्तव जी (राष्ट्रीय सचेतक, श्री चित्रगुप्त अखाड़ा)
- श्री राजेश श्रीवास्तव “बच्चा भैया” जी (प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश)
बैठक में प्रयागराज के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता श्री कुमार नारायण जी को श्री चित्रगुप्त अखाड़ा का उत्तर प्रदेश प्रभारी नियुक्त कर विशेष दायित्व सौंपा गया।
इन प्रमुख मुद्दों पर प्रस्ताव होंगे पारित
अखाड़े के पदाधिकारियों के अनुसार, इस प्रादेशिक सम्मेलन में राष्ट्र रक्षा, गौ रक्षा, मठ-मंदिरों का संरक्षण, संतों की सुरक्षा के साथ-साथ हिंदू युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, हिंदू युवतियों की सुरक्षा और समाज सेवा करने वाले चेहरों को राजनीतिक व सार्वजनिक जीवन में उचित प्रतिनिधित्व देने जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी। इन प्रस्तावों के जरिए सरकार के समक्ष जरूरी मांगें और सुझाव भी रखे जाएंगे।
बैठक के समापन पर स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने सभी कार्यकर्ताओं को पटका पहनाकर आशीर्वाद दिया। अंत में ‘धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो’ और ‘भगवान श्री चित्रगुप्त महाराज की जय’ के गगनभेदी उद्घोषों के साथ राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा का संकल्प दोहराया गया।

