Homeभारतगुजरातमेडिकल एजुकेशन और अस्पतालों में खुली लूट: 'पिछले दरवाज़े से' मरीज़ों की...

मेडिकल एजुकेशन और अस्पतालों में खुली लूट: ‘पिछले दरवाज़े से’ मरीज़ों की तस्करी का बड़ा स्कैम, एजुकेशन माफिया को सज़ा कब मिलेगी?

स्पेशल रिप्रेज़ेंटेटिव, पक्को गुजरात : गुजरात में मेडिकल एजुकेशन और सरकारी अस्पतालों के एडमिनिस्ट्रेशन में कितना करप्शन है, इसका एक और जीता-जागता सबूत सामने आया है। सरकारी अस्पतालों में गरीब और मिडिल क्लास मरीज़ों के इलाज के नाम पर चल रहा पूरा सिस्टम शक के दायरे में आ गया है। पूरे इंटरव्यू और घटनाक्रम पर नज़र डालने से साफ़ पता चलता है कि इसमें ऊपर से नीचे तक बहुत बड़ी गड़बड़ और मिलीभगत चल रही है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि खुलेआम प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को सरकारी नौकरियों में क्यों रखा गया? इतना ही नहीं, सरकारी अस्पतालों में इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले बेबस मरीज़ों को कथित तौर पर पिछले दरवाज़े से प्राइवेट अस्पतालों में धकेलने का एक सिस्टमैटिक नेटवर्क चल रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिन प्राइवेट अस्पतालों में मरीज़ भेजे जाते हैं, उनमें खुद सरकारी डिपार्टमेंट के HOD (हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट) के शामिल होने का शक है!
डीन और HOD की भूमिका शक के दायरे में: ‘हमें नहीं पता’ का बहाना अब नहीं चलेगा!

साफ़ है कि इस पूरे स्कैम में सिर्फ़ छोटे कर्मचारी ही नहीं, बल्कि HOD से लेकर हॉस्पिटल के डीन तक सभी बड़े अधिकारी शामिल हैं। डीन की नज़र में यह सब ‘होने दिया गया’ और अब जब भांडा फूट गया है, तो ज़िम्मेदार लोग हाथ खड़े करके कह रहे हैं कि ‘हमें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।’ इतने ज़िम्मेदार पद पर बैठकर ऐसी नासमझी दिखाना जनता की आँखों में धूल झोंकने जैसा है।

BJP सरकार के लिए परीक्षा की घड़ी: अपने ही ‘बुरे लोगों’ को सज़ा मिलनी चाहिए

आज राज्य की जनता में बहुत गुस्सा है। जब तक BJP सरकार खुद एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम में घुसे ऐसे एजुकेशन और मेडिकल माफियाओं के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई नहीं करती, तब तक एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर में यह सड़ांध कभी दूर नहीं होगी। सरकार को यह समझना होगा कि अगर इन माफियाओं के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने में देरी हुई, तो आम जनता का सरकार और BJP पर से भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा। अब समय आ गया है जब सरकार को बिना किसी शर्म के, अपने ही डिपार्टमेंट में बैठे भ्रष्ट और बुरे लोगों को एक के बाद एक सज़ा देनी होगी, ताकि जनता का भरोसा बना रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments