भोपाल के पुरानी शहर के व्यापारियों और रहवासियों ने मोती मस्जिद स्क्वायर पर ट्रैफिक बैरिकेडिंग के खिलाफ 7 अगस्त को बंद का आह्वान किया है। एक साल से रास्ते बंद होने और हाल ही में आगजनी की घटना के दौरान दमकल गाड़ी के फंसने से कारोबारियों में भारी नाराजगी है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पुराने शहर में ट्रैफिक पुलिस द्वारा की गई बैरिकेडिंग और रास्तों को बंद किए जाने के खिलाफ व्यापारियों और स्थानीय रहवासियों में भारी गुस्सा है। चॉक बाजार व्यापारी संघ और सराफा एसोसिएशन समेत कई अन्य व्यापारिक निकायों ने मिलकर 7 अगस्त को भोपाल के इस इलाके में ‘बंद’ का आह्वान किया है।
व्यापारियों का कहना है कि पिछले करीब एक साल से मोती मस्जिद स्क्वायर से सदर मंजिल की ओर जाने वाला ट्रैफिक बंद है, जिससे बाजारों तक पहुंच प्रभावित हो रही है और व्यापार पूरी तरह चौपट हो गया है।
इब्राहिमपुरा आगजनी की घटना के बाद बढ़ा आक्रोश
इस विरोध प्रदर्शन को धार तब मिली जब गत 31 जुलाई को इब्राहिमपुरा की एक दुकान में भीषण आग लग गई थी। व्यापारियों का आरोप है कि इन ट्रैफिक पाबंदियों और बैरिकेड्स के कारण दमकल की गाड़ी को मौके पर पहुंचने में लगभग एक घंटा लग गया। गनीमत यह रही कि स्थानीय दुकानदारों ने सूझबूझ दिखाते हुए समय पर आग पर काबू पा लिया, वरना बड़ा नुकसान हो सकता था। इसके अलावा, नगर निगम द्वारा बनाए गए तीन पार्किंग स्थल भी ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में नाकाम साबित हुए हैं क्योंकि वाहनों को मोती मस्जिद से बाजार की तरफ राइट टर्न लेने की अनुमति नहीं है।
मेडिकल इमरजेंसी और एम्बुलेंस के आवागमन पर भी संकट
व्यापारियों और आम नागरिकों का यह भी कहना है कि इब्राहिमपुरा और पीरगेट से आने वाले यात्रियों को हमीदिया अस्पताल जाने के लिए रेंथ घाट पर लंबा यू-टर्न लेना पड़ता है, जो चिकित्सीय आपातकाल के दौरान बेहद परेशानी भरा साबित होता है। एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के लेट होने से किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। बंद के इस आह्वान के बाद दोपहर 12:30 बजे चौराहे पर एक बड़ा धरना देने की भी योजना है, ताकि प्रशासन इस पुरानी समस्या का कोई स्थायी समाधान निकाल सके।
भोपाल के पुराने शहर में मोती मस्जिद स्क्वायर के पास लंबे समय से बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद किया गया है
चॉक बाजार और सराफा एसोसिएशन सहित कई व्यापारी संगठनों ने 7 अगस्त को बाजार बंद रखने का फैसला किया है
हाल ही में इब्राहिमपुरा में आग लगने के दौरान ट्रैफिक के कारण फायर ब्रिगेड को पहुंचने में देरी हुई थी
व्यापारियों का आरोप है कि रास्तों की पाबंदी से एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है

