बसें डासना से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, हापुड़ से गंगा एक्सप्रेसवे और अक्षरधाम से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी।
गाजियाबाद: कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए परिवहन निगम ने रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह बदल दिया है। 12 अगस्त तक दिल्ली-मेरठ रोड और शहर के अंदर किसी भी मार्ग से बसों का संचालन नहीं होगा। सभी बसों को शहर के बाहर से तय किए गए वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया है। यात्रियों को सफर से पहले अपने रूट की जानकारी लेकर ही बस पकड़ने की सलाह दी गई है।
परिवहन निगम के अनुसार, सीमापुरी बॉर्डर और तुलसी निकेतन की ओर से आने वाली कोई भी बस शहर में प्रवेश नहीं करेगी। इन बसों को दिलशाद गार्डन, दिल्ली-गाजीपुर मंडी और यूपी गेट होते हुए एनएच-9 पर भेजा जाएगा। इसके बाद बसें डासना से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, हापुड़ से गंगा एक्सप्रेसवे और अक्षरधाम से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी।
लालकुंआ से आगे बसों को एंट्री नहीं
बुलंदशहर से गाजियाबाद आने वाली सभी बसों को लालकुआं से आगे शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। इनका संचालन लालकुआं से ही किया जाएगा। वहीं आनंद
विहार और कौशांबी डिपो से शहर की ओर आने वाली बसों को भी दिल्ली-गाजीपुर मंडी, यूपी गेट, एनएच-9 और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के रास्ते गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा। इससे शहर के अंदर बसों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।
कश्मीरी गेट से हरिद्वार का किराया बढ़कर 444 रुपये
वैकल्पिक मार्गों से संचालन होने के कारण बसों को पहले के मुकाबले अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। इसका असर किराए पर भी पड़ा है। कश्मीरी गेट से हरिद्वार जाने वाली रोडवेज बस का किराया 386 रुपये से बढ़कर 444 रुपये हो गया है। पहले यह बस करीब 231 किलोमीटर का सफर तय करती थी, जबकि अब डायवर्जन के कारण लगभग 294 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। इसी वजह से अन्य लंबी दूरी के रूटों पर भी किराए में बढ़ोतरी की गई है।

