Homeभारतछतीसगढ़आखिरकर छात्र आंदोलन से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना...

आखिरकर छात्र आंदोलन से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ा हालांकि भाजपा उनके पक्ष में बिल्कुल भी नहीं था लेकिन कॉकरोचों ने देश में हंगामा खड़ा कर ही दिया था

राजनांदगांव। देश में कई बार छोटे-मोटे आंदोलन व्यापक स्तर पर यहां तक वैश्विक स्तर पर भी प्रभाव डालता है इसके पहले अन्ना हजारे देश के प्रसिद्ध समाजसेवी ने छात्रों के समर्थन में खुल के सामने आया था उनके एक आंदोलन से एक अंजाना सा दिल्ली का मुख्यमंत्री बन गया था इसी तरीके से कल तक बिल्कुल अंजान सा कांकरेच जनता पार्टी आज देश की प्रमुख एक तरीके से विपक्षी पार्टी बन गई है इसके दावे हालांकि हमने पूर्व में कर दिया था कि जिस तरीके से कॉकरोच जनता पार्टी के साथ लोग जुड़े हैं और लगातार अन्य संगठनों से इस्तीफा दे रहे हैं निश्चित रूप से आने वाले समय में उनकी शक्ति बढ़ाने वाले हैं और ठीक वैसे हुआ मामला था नीट परीक्षा लीक का है एनटीए ने भर्ती के लिए में यूपीएससी के जरिए विज्ञापन जारी किया की प्रतिभा सेतु पोर्टल के नए लोगों की भर्ती किया जाना था इसमें पेपर लीक हो गया और इस तरीके से नीट पेपर लीक मामले पर आंदोलनकारयो का और सरकार के बीच तनातनी बढ़ते गई लगातार सीजेपी कॉकरोच जनता पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग कर रहे थे

हालांकि सरकार इस्तीफा के पक्ष में बिल्कुल भी नहीं था उनका मानना था कि फोकस की राजनीति के बजाय देश की सिस्टम को और पारदर्शिता बनाया जाए हालांकि आज केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने भारतीय जनता पार्टी को बैकफुट पर लाकर खड़ा कर दिया है यह 12 साल में पहली बार है कि किसी आंदोलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी को अपने केंद्रीय मंत्री से इस्तीफा दिलाना पड़ा हालांकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा नहीं देने की स्थिति यह आंदोलन और भी आगे चलता है लेकिन इसके बावजूद भी कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा है कि जब तक उनकी दो और मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक यह आंदोलन चलता ही रहेगा पहले मांग है कि पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को एक-एक करोड रुपए का मुआवजा दिया जाए और दिल्ली में धरना के दौरान प्रदर्शनकारीयो के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग निश्चित रूप से सरकार आंदोलन आगे चले ऐसा नहीं चाहती और यह दोनों ही मांगे आने वाले समय में पूर्ण कर लिया जाएगा

लेकिन सवाल बहुत गंभीर है जिस तरीके से पेपर लीक मामले को कॉकरोच जनता पार्टी ने आयोजित किया वह सोचने वाली बात है और उनकी बातों को जिस तरीके से केंद्रीय सरकार महत्व दे रही है वह भी सोचने वाली बात है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह कांकरोज जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास आशुतोष राका शामिल हुए और लंबी बातचीत चली इस दौरान काकरेच जनता पार्टी ने लंबा चोडा मांग पत्र दिया दूसरी ओर काकरेच जहां घुसता है वह अपना काम कर ही जाता है यह 12 साल के इतिहास में पहली बार हुआ है कि भारतीय जनता पार्टी को अपने वर्तमान मंत्री से इस्तीफा लेना पड़ा नहीं तो निश्चित रूप से जिस तरीके से आंदोलन चल रहा थी उस हिसाब से प्रधानमंत्री की कुर्सी भी खतरे में पड़ सकती थी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments